अयोध्या। देश के 13 राज्यों व नौ हजार किमी. की यात्रा करते हुए रामेश्वरम से चल कर शुक्रवार को अयोध्या पहुंची श्रीराम राज्य रथ यात्रा का पुष्प वर्षा व जय श्रीराम के जय घोष से स्वागत किया गया। यात्रा के संयोजक स्वामी शक्ति शांतानंद, स्वामी कृष्णानंद सहित वाहनों में चल रहे संतों और भक्तों का माल्यार्पण हुआ।
राम नगरी की सीमा उदया चौराहे पर मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी कमल नयन दास, संत समिति के अध्यक्ष सनकादिक आश्रम महंत कन्हैया दास, गया शरण महाराज, रामदास, विश्वनाथ दास के मार्गदर्शन मे रथ यात्रा का स्वागत किया गया।
कारसेवकपुरम द्वार पर विहिप केंद्रीय सलाहकार सदस्य पुरुषोत्तम नारायण सिंह, केंद्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह पंकज, विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा, वीरेंद्र कुमार की अगुवाई में श्रीराम वेद विद्यालय के बटुकों ने प्रधानाचार्य आचार्य इंद्र देव आचार्य, दुर्गा प्रसाद गौतम, नारद भट्टाराई के संयोजन में वैदिक मंत्रों के साथ संतों और रथ यात्रा का आरती उतारकर स्वागत किया।
यात्रा संयोजक स्वामी शक्ति शांतानंद महाराज ने बताया कि शनिवार को कारसेवक पुरम में श्रीराम राज्याभिषेक पूज्य संत धर्माचार्य के मार्गदर्शन में तथा दक्षिण के वैदिक विद्वानों द्वारा होगा। इसके बाद अपराह्न 3 बजे संत सम्मेलन का आयोजन भी होगा, जिसकी अध्यक्षता श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास महाराज करेंगे।
विहिप प्रवक्ता शरद शर्मा ने बताया कि श्रीशक्ति शांतानंद महर्षि जी 13 फरवरी 2018 को महाशिवरात्रि पर्व पर कारसेवकपुरम से ये यात्रा लेकर 23 मार्च 2018 को रामेश्वरम पहुंचे थे। 14 माह बाद वहां से 4 मार्च को महाशिवरात्रि के पर्व पर रामेश्वर से भगवान रामेश्वरम का दर्शन पूजन कर राम राज्य रथ यात्रा निकली थी। ये 13 राज्यों व 9 हजार किमी की दूरी तय कर 12 अप्रैल को अयोध्या पहुंचेगी। अयोध्या में राम जन्मभूमि निर्माण, रामराज की पुर्नस्थापना, भारत की शिक्षा में रामायण का महत्व बताना इस रामराज्य रथ यात्रा का उद्देश्य है।