हनुमतनगर (अयोध्या)। किसी भी परिस्थिति में हार न मानना ही अपराजिता है। अन्याय, शोषण, अपराध के खिलाफ सदैव आवाज बुलंद करें। जो सोच सदियों से परंपरागत तरीके से भय के रूप में समाई हुई है, उसकी दहलीज से ऊपर उठने की आवश्यकता है। यह बातें अमर उजाला फाउंडेशन की अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स मुहिम के तहत शनिवार को सेनानी जगमोहन स्वर्ण जयंती इंटर कॉलेज मिर्जापुर निमोली में आयोजित पुलिस की पाठशाला में पुलिस अधीक्षक ग्रामीण संजय कुमार ने कहीं।
उन्होंने कहा कि सकारात्मक शक्ति आत्मबल को बढ़ावा देती है और अनुशासन, विचारधारा व सोच में निखार लाती है। स्वयं को मानें कि हम बिना वर्दी के सिपाही हैं, तभी हमारे समाज और देश की उन्नति होगी। पुलिस की पाठशाला संस्कारों के साथ कानून रूपी ज्ञान देकर आप में मजबूती पैदा करती है।
अब बेटियों को डरने की आवश्यकता नहीं है। 1090 और डायल हंड्रेड आपको पूरी सुरक्षा व गोपनीयता देगा। इससे पूर्व पुलिस की पाठशाला का शुभारंभ एसपी ग्रामीण संजय कुमार, एआरटीओ शैलेंद्र तिवारी, सीओ बीकापुर अरविंद चौरसिया, कॉलेज के प्रबंधक अशोक यादव, प्रधानाचार्य प्रभात यादव, उप प्रधानाचार्य संयोगिता यादव, मीडिया प्रभारी सीएम यादव आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया।
महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस संकल्पित : अरविंद
सीओ बीकापुर अरविंद चौरसिया ने कहा कि साहस एवं सूझबूझ के साथ विपरीत परिस्थितियों से बाहर निकलने का जज्बा ही अपराजिता है। महिला सुरक्षा के प्रति पुलिस संकल्पित है। समस्याओं को दूर कर उन्हें अपेक्षित परिणामों तक पहुंचाने का प्रयास करते हैं। महिलाएं किसी भी मामले में अब पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाएं देश के सर्वोच्च नेतृत्व का भी कुशल निर्वहन कर चुकी हैं। उन्होंने अपना व थाना पूराकलंदर का सीयूजी नंबर छात्राओं को नोट कराया।
वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएं : एआरटीओ
एआरटीओ शैलेंद्र तिवारी ने यातायात के नियमों का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि बहनें, अपने भाइयों को राखी बांधते समय उनसे शपथ लें कि वे वाहन चलाते समय हेलमेट जरूर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि नारी सशक्तिकरण शिक्षा के बिना संभव नहीं है। सड़क पर आपका व्यवहार आपके चरित्र का आंकलन कराता है। बड़े जो बात बच्चों को सिखाते हैं, उसे पहले खुद अमल में लाएं, तभी उसकी सार्थकता होगी।
विषम परिस्थिति में सूझबूझ का दें परिचय : अशोक
सेनानी जगमोहन स्वर्ण जयंती इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशोक यादव ने कहा कि बेटियां यदि कहीं सुनसान स्थानों पर विषम परिस्थितियों में पड़ जाती हैं, तो उन्हें उस समय उनकी सूझबूझ और कूटनीति ही बचा सकती है। इस दौरान उन्हें सूझबूझ का परिचय देना चाहिए।
नारी है शक्ति स्वरूपा : प्रभात
प्रधानाचार्य प्रभात यादव ने कहा कि नारी शक्ति स्वरूपा है। जरूरत पड़ने पर वह दुर्गा है। हर परिस्थितियों से लड़ने की क्षमता रखती है तो वहीं मदर टेरेसा बन कर सभी में सेवाभाव भी पैदा करती है।
पुरुषों से कंधा मिलाकर चल रहीं बेटियां : संयोगिता
उप प्रधानाचार्य संयोगिता यादव ने कहा कि साहस और धैर्य के साथ परिस्थितियों को भी पराजित किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में अब महिलाएं भी पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं।
बच्चों ने अधिकारियों से पूछे सवाल
12वीं की छात्रा अर्शी नूर ने पूछा कि कई मामलों में घरवाले चुप रहने को कहते हैं, क्या करें और महिलाओं को अबला क्यों कहा जाता है। 12वीं की छात्रा स्मिता यादव ने सवाल किया कि लड़के कमेंट करते हैं, लेकिन नाम-पता न हो तो क्या करें। कक्षा 12 की शिवानी मौर्य ने पूछा कि यदि किसी झगड़े या किसी अपराध की आशंका हो तो इसकी जानकारी किसे दें।
11वीं की मोनी वर्मा ने पूछा कि यदि कोई मोबाइल पर परेशान करे तो क्या करें। 11वीं की छात्रा उमा ने पूछा कि क्या 1090 पर शिकायत करने वाले को भी थाने जाना होगा। 11वीं की छात्रा मनीषा यादव ने पूछा कि हमारे कॉलेज के समीप लड़कों ने छींटाकशी की थी। उस पर क्या कार्रवाई हो सकती है। 11वीं की साक्षी ने पूछा कि क्या 1090 से क्राइम कम हो जाएगा, इसका उद्देश्य क्या है।
कक्षा 11 के छात्र दुर्गेश कुमार ने पूछा कि हादसे में घायल की सूचना पुलिस को देने पर पुलिस प्रताड़ित तो नहीं करेगी। कक्षा 11 के छात्र सुहेल यादव ने पूछा कि परीक्षा देने जाते समय वाहन चेकिंग लगी हो और हमारे पर लाइसेंस न हो तो क्या करें। 11वीं की छात्रा दीक्षा यादव ने पूछा कि बैटरी स्कूटी से कोई दुर्घटना हो जाती है तो बिना नंबर के कैसे पहचान में आएगा।
अधिकारियों ने दिया जवाब
एसपी ग्रामीण संजय कुमार व एआरटीओ शैलेंद्र तिवारी ने छात्र-छात्राओं की ओर से पूछे गए सवालों का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि चुप रहने से समस्या का समाधान नहीं होता है। समस्या को बेझिझक होकर बताएं समस्या का निदान होगा। पहले महिलाएं आत्मनिर्भर नहीं रहती थीं, इसलिए उन्हें अबला कहा जाता था।
छींटाकशी करने वालों के वाहन का नंबर हो या उनका हुलिया देखकर बताएं, तब भी कार्रवाई होगी। यदि रास्ते में कोई छींटाकशी करता है, तब भी शिकायत करें। यदि मोबाइल पर कोई परेशान करे तो पहले उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दें, पुलिस से भी शिकायत करें, उक्त के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। 1090 पर शिकायत करने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा। थाने जाने की आवश्यकता नहीं होगी और 15 दिन में कार्रवाई जरूर होगी। ऐसे में क्राइम कम होना लाजमी है।
1090 का उद्देश्य महिलाओं को ताकतवर बनाना है। कहा कि दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवहित में एक नेक कार्य है। इसके लिए पुलिस आपको प्रताड़ित नहीं करेगी, बल्कि आपका हौसला अफजाई करेगी। एआरटीओ ने कहा कि जिंदगी से महत्वपूर्ण कुछ नहीं है, इसलिए गाड़ी चलाने से पहले हेलमेट पहनें और सभी कागजात लेकर चलें।