अयोध्या। शादी-विवाह की तिथियों के दौरान अक्षय तृतीया का पड़ना इस बार खासा शुभ रहा, इसके चलते बाजार में खरीदारों की भीड़ उमड़ी।
सराफा और दूसरे प्रतिष्ठानों पर लोगों ने जमकर खरीदारी की। महज एक दिन में लगभग पांच करोड़ का कारोबार होने का अनुमान लगाया गया। हालांकि कार्ड स्वाइप पर लिमिट ने कारोबार में थोड़ी बाधा जरूर डाली तो वहीं बाजार पर चुनाव का भी असर दिखा।
पिछले एक सप्ताह से अक्षय तृतीया पर शोरूमों को सजाने-संवारने के साथ नए सामान रखकर इंतजार कर रहे सराफा कारोबारियों की बल्ले-बल्ले रही।
मंगलवार को ज्वैलरी शोरूम में ग्राहकों की भारी भीड़ देखी गई। हर किसी में सोने के आभूषण खरीदने की ललक दिखी। इस बार मार्केट में कलकत्ता की ज्वैलरी ज्यादा चर्चित रही।
जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख तक थी, इसमें चूड़ी और सेट शामिल रहा। इसके अलावा कील, बिछुआ से लेकर मंगलसूत्र तक बाजार में खूब बिके।
पर्व पर तो सोने की घड़ी, पेन, चश्मा, ब्रेसलेट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। तो एंटीक की बिछिया भी लोगों को खासा लुभा रही थी। इस बार सुबह से ग्राहकों का तांता लगा रहा।
ताराजी ज्वैलर्स के अमित सोनी ने बताया कि इस बार सुबह से ही ग्राहकों में आभूषण खरीदने की ललक दिखी। लेकिन बैंक व एटीएम आदि में धन न होने से कारोबार करीब दस प्रतिशत प्रभावित हुआ।
इसके अलावा स्वेप सिस्टम में पचास हजार तक निकासी की बाध्यता होने से भी खासी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कई आइटम एक से डेढ़ लाख तक की कीमत के हैं।
कैश न होने व कार्ड स्वाइप में लिमिटेशन की वजह से कई ग्राहकों को वापस होना पड़ा। वहीं एक अनुमान के मुताबिक इस बार करीब पांच करोड़ का कारोबार बुधवार हो गया, जो पिछले वर्ष के बराबर है।
सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय मेहता ने बताया कि इस बार शादी-विवाह के समय अक्षय तृतीया का पर्व भी आ गया। इससे बाजार में सोने की चमक दिख रही है।
इस बार गत वर्ष की अपेक्षा अधिक ग्राहक दुकान पर आए हैं। खरीदारी भी पहले से अधिक हुई है। कैशलेस होने से कारोबार में कुछ बाधा जरूर आई है।
इसके अलावा कार्ड स्वाइप में 50 हजार तक की लिमिट से भी ग्राहकों को लौटना पड़ा। साकेत सराफा मंडल, फैजाबाद के महामंत्री और कारोबारी नरेश अग्रवाल कहते हैं कि सोने के आभूषणों की खरीदारी तो हुई, लेकिन कुछ ग्राहक अक्षय तृतीया पर औपचारिकता निभाते रहे।
वजह हर वर्ष इस पर्व पर कुछ न कुछ आभूषण खरीदते हैं। ऐसे ग्राहक नाक की कील और पैर का बिछिया जैसे छोटे-छोटे आइटम खरीदते रहे। अयोध्या के रामजी ज्वैलर्स के रामजी सोनी ने बताया कि इस बार लगन के चलते बाजार में रौनक रही, पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष सोने-चांदी की खरीदारी में तेजी आई है।