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नहर कटने से डूबी 3000 बीघा फसल

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अयोध्या। मसौधा ब्लॉक के गोपालपुर में रविवार रात करीब ढाई बजे शारदा सहायक नहर सीपेज के चलते कट गई। इससे छह गांवों के खेत व घरों में पानी भर गया, इनमें सेे गोपालपुर पानी से घिर कर टापू बन गया।
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इससे सैकड़ों किसानों की करीब तीन हजार बीघे फसल पानी में डूब गई, साथ ही करीब 5 सौ बीघे जमीन पर सिल्ट जम गई।
वहीं, पानी के तेज बहाव के चलते कोडरा और गोपालपुर संपर्क मार्ग के मध्य बनी पुलिया बह गई, इससे चार युवक घायल हो गए।
दूसरी तरफ हजारों मुर्गियों से खचाखच भरा एक पोल्ट्री फार्म भी दो फिट पानी में डूब गया, इसके चलते हजारों मुर्गियां मौत के मुंह में समा गई हैं।
लगातार दूसरे वर्ष नहर कटान से तबाह हुए गोपालपुर की हालत सोमवार को भयावह नजर आ रही थी। हर तरफ ग्रामीणों में भय और आशंका झलकती नजर आई।
सूचना पर जिलाधिकारी अनुज झा, एडीएम वित्त व राजस्व गोरेलाल शुक्ल, एसडीएम विपिन सिंह समेत राजस्वकर्मी, सिंचाई विभाग के अधिकारी व कर्मी स्वयंसेवी संस्थाओं ने राहत कार्य शुरू कर दिया है।
नहर से हुई जल प्रलय से सद्दाम पुरवा, बिछिया, धूम का पुरवा, जगदीशपुर, बनबीरपुर, पाराताजपुर गांव प्रभावित हुए।
ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार भोर में जब वह शौच के लिए निकले तो देखा कि गोपालपुर गांव का दक्षिणी और पश्चिमी क्षेत्र की फसलें पानी से जलमग्न हो गई है।
जब तक वह माजरा समझे और आगे बढ़े तो देखा कि पानी के तेज बहाव के चलते कोडरा और गोपालपुर संपर्क मार्ग भी पानी में डूब गया है।
बाग बगीचे और खेत जलभराव से लबालब हैं। गोपालपुर निवासी बरखू, छट्टूराम, सधई, सतना, रामदीन, राजाराम, जमुना प्रसाद ने बताया कि शारदा सहायक की बड़ी नहर करीब 15 से 20 फुट कट कर बह गई।
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पानी का भाव देखकर घबरा उठे और गोहार लगाते हुए गांव की ओर दौड़े तो उन्हें उनका घर भी पानी से लबालब भरा मिला।
प्रभावित किसान प्रधान प्रतिनिधि गंगाराम बाबूराम यादव, धमसा प्रसाद, बालकराम आदि ने आरोप लगाया गत वर्ष अप्रैल माह में भी नहर इसी तरह कटी थी।
सिंचाई विभाग ने सैकड़ों मजदूरों से काम कराया लेकिन मजदूरी आज तक नहीं दी, इसके चलते इस बार गांव का ग्रामीण आगे नहीं आ रहा है।
वहीं, सूचना पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचे जिलाधिकारी व एडीएम वित्त व राजस्व ने मौका का निरीक्षण किया।
उन्होंने पीड़ित परिवारों को भोजन उपलब्ध कराने के साथ नष्ट हुई फसल का आंकलन करा इसकी अविलंब सूची बनाने के निर्देश दिए दे।
नायब तहसीलदार मसौधा नरसिंह नारायण वर्मा ने बताया कि नहर के पानी से बेहद प्रभावित बरखू, छट्टूराम, सधई, सतना, रामदीन, राजाराम, जमुना प्रसाद, रामराज समेत दर्जनभर लोगों को तात्कालिक आर्थिक सहायता दिलाने की पत्रावली तैयार हो गई है।
बताया कि बचाव के लिए जेसीबी मशीन लगाकर पानी को रोकने हेतु बंधा बनाने का काम तेज कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार का कहना है कि बाराबंकी से नहर में पानी का बहाव रोक दिया गया है।
शाम तक गोपालपुर गांव की स्थिति काबू में हो जाएगी। विभाग की ओर से जो भी संभव होगा किसानों को क्षतिपूर्ति के रूप में आर्थिक सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी।
शारदा सहायक नहर कटने के बाद तमाशबीन बन एक पुलिया पर बैठे गोपालपुर निवासी चार युवक पानी के तेज बहाव से अचानक पुलिया के ढह जाने से दुर्घटना का शिकार हो गए।
पानी में गिरे इन युवकों को डूबने से तो बचा लिया गया लेकिन एक युवक को गंभीर चोटें आई हैं, इसे इलाज के लिए जिले के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घायल होने वालों में गांव निवासी मनोज कुमार, संजय कुमार, रंजीत कुमार, सुनील कुमार शामिल हैं, इनमें मनोज कुमार की हालत गंभीर बताई जा रही है।
वहीं, पड़ोसी गांव ताजपुर कोडरा के मो. हसीम का समूचा पोल्ट्री फार्म नहर के पानी से डूब गया है। जिसमें नीचे के तल की हजारों मुर्गियां मर कर तैर रही है।
सीडीओ अभिषेक आनंद का कहना है कि बीडीओ मसौधा सोहावल को मनरेगा मजदूरों को तत्काल लेकर पहुंचने और कटान बंद कराने के निर्देश दिए हैं। पीड़ित परिवारों के लिए भोजन उपलब्ध कराने का भी निर्देश आपूर्ति विभाग को दिया गया है।
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