बाबरी मस्जिद के मुद्दई रहे स्व. मो. हाशिम अंसारी के परिवार की सहायता के लिए मुस्लिम एसोसिएशन कानपुर ने हाथ आगे बढ़ाया है। बुधवार को एसोसिएशन का एक दल हाशिम के परिवार से मिला और उन्हें 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के साथ ही उनके पोते इकलाख अंसारी को हलीम मुस्लिम इंटर कॉलेज कानपुर में नौकरी देने का वादा किया।
मो. हाशिम अंसारी अपने अंतिम दिनों में परिवार की मुफलिसी को लेकर परेशान रहे। पोते को नौकरी में लगाए जाने के लिए सपा सरकार के मंत्री तक से गुजारिश की थी। उनके जीते जी न तो सरकार ने और न ही किसी संगठन ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए हाथ बढ़ाया।
बुधवार को मुस्लिम एसोसिएशन कानपुर के मौलाना फैज मोहम्मद हसमती, हाजी अब्दुल हसीब, मौलाना सुलेमान हसमती, मो. इरफान अंसारी, शाहिर जहीर, तौकीद आलम बरकती, अब्दुल हमीद, मुस्तफा तारिक, रोशन भारती हाशिम अंसारी के घर पहुंचे।
मौलाना फैज मोहम्मद हसमती ने कहा कि मो. हाशिम एकता की मिसाल थे। ऐसे शख्स समाज में बहुत कम मिलते हैं, जो हिंदू-मुस्लिम एकता व भाईचारे को लेकर समाज को नया संदेश देते रहे हैं।
कहा कि उनके परिवार को एसोसिएशन की ओर से 25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही उनके पोते को मुस्लिम कॉलेज कानपुर में नौकरी देने के लिए बुलाया गया है। इस मौके पर रामजन्मभूमि के प्रधान अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास भी मौजूद रहे।