अयोध्या। अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से मेजर ध्यानचंद की याद में आयोजित रक्तदान शिविर में 25 लोग रक्तदान कर महादानी बनें। रक्तदान शिविर का उद्घाटन अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने फीता काटकर कर किया।
अमर उजाला फाउंडेशन ने रक्तदानियों को सम्मानित किया। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक की टीम ने रक्तदान कराया। शिविर में मेजर ध्यानचंद खेल संस्थान, विवि का क्रीड़ा विभाग और महिला अध्ययन केंद्र का सहयोग रहा।
कुलपति ने महादानियों को प्रमाण पत्र सौंपा। कहा कि हर व्यक्ति को तीन माह के अंतर पर रक्तदान अवश्य करना चाहिए। कुलपति ने रक्तदान करने के फायदे भी गिनाए।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन खेल दिवस पर 29 अगस्त को आयोजित किया जाना था, लेकिन अयोध्या में राष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते यह 31 अगस्त को आयोजित किया गया।
रक्तदान शिविर की खास बात यह रही कि रक्तदान करने वालों में महिलाएं भी शामिल रहीं। सुबह 10 बजे से शाम तीन बजे तक चले रक्तदान शिविर में कोविड प्रोटेेकॉल का पालन करते हुए कुल 25 लोगों ने रक्तदान किया।
शिविर के दौरान विवि के खेल विभाग के क्रीड़ा प्रभारी डॉ. मुकेश वर्मा, महिला अध्ययन केंद्र की समन्यवक तुहिना वर्मा, मेजर ध्यान चंद संयोजक आकाश गुप्त, प्रो. आरके तिवारी, प्रो. हिमांशु सिंह, प्रो. नीलम पाठक, प्रो. सीके मिश्रा, प्रो.एसएस मिश्रा, डॉ. राजेश सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
महादानी बोले, सभी को करना चाहिए रक्तदान
20 बार रक्तदान कर चुके रोहित जायसवाल ने कहा कि रक्तदान करने के चार लोगों को जीवनदान मिलता है। रक्तदान के बारे में लोगों में बहुत सी गलतफहमी है, इसके लिए जागरूकता शिविर आयोजित होना चाहिए।
आठवीं बार रक्तदान कर रहे शिवचरण ने कहा कि रक्तदान से किसी के जीवन को बचाने की सुखद अनुभूति होती है। यह आत्म गौरव का भी कार्य है। सभी स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए।
17 वीं बार रक्तदान कर रहे अतुल वर्मा ने कहा कि सभी लोगों को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। रक्तदान हम को स्वस्थ रखने व नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने में मददगार होता है।
पहली बार रक्तदान कर रहे सत्यम त्रिपाठी ने कहा कि रक्तदान के फायदे के बारे में काफी सुना था। अमर उजाला के शिविर में रक्तदान करने का अनुभव भी प्राप्त किया। अब नियमित रूप से रक्तदान करेंगे।
12वीं बार रक्तदान कर चुके अंकित वर्मा ने कहा कि वह कई साल से नियमित रूप से रक्तदान कर रहे हैं। उन्हें अच्छा लगता है कि उनका खून किसी की जिंदगी बचाने के काम आ रहा है।
दो बार महादानी बन चुकीं शशि रावत ने कहा कि रक्तदान करने के बाद हमेशा शरीर में स्फूर्ति का अहसास हुआ है। इस नेक काम से दूसरों की जिंदगी बचाने का मौका मिलता है। सभी को रक्तदान जरूर करना चाहिए।
9वीं बार रक्तदान कर रहे रवि कुमार ने कहा कि हम लोग नियमित रूप से रक्तदान करते आ रहे हैं। बहुत से लोग अभी तक रक्तदान को सही नहीं मानते हैं, ये गलत है। सभी स्वस्थ व्यक्ति को नियमित रक्तदान करना चाहिए।
खिलाड़ी अभिलाषा सिंह ने कहा था कि आज पहली बार रक्तदान किया है। लोगों ने रक्तदान को लेकर जो भ्रम फैला रखा है वैसा कुछ भी ब्लड डोनेट करने के बाद नहीं हुआ। रक्तदान करके बहुत अच्छा लग रहा है।
रक्त नहीं मिलने की वजह से देशभर में प्रत्येक वर्ष बड़ी संख्या में घायलों और मरीजों की जान चली जाती है। ऐसे में रक्तदान करने से बड़ा और कोई दान नहीं है। एक व्यक्ति एक यूनिट रक्तदान करके चार लोगों की जिंदगी बचा सकता है। रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन और सभी रक्तदाता बधाई के पात्र हैं। - प्रो. रविशंकर सिंह, कुलपति
हमारी संस्था छह वर्षों से रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों को रक्त उपलब्ध कराने का काम करती आ रही है। अब तक एक हजार यूनिट रक्तदान करा चुके हैं। यह सीधे तौर पर लोगों के जीवन बचाने का कार्य है। इसमें सभी लोगों को आगे आना चाहिए। खासकर युवा पीढ़ी को रक्तदान के महत्व समझना चाहिए। -आकाश गुप्त, अध्यक्ष मेजर ध्यान चंद खेल संस्थान