अयोध्या-बिल्वहरिघाट व चिर्राखजुरी बंधे पर कटान होने के साथ पूरा व रुदौली के तटवर्ती दो दर्जन गांवों में खेत व आबादी की मिट्टी नदी में समा रही है। राजस्व कर्मियों की टीम प्रभावित इलाकों में कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है।
सरयू में आई बाढ़ से सोमवार दोपहर में जलस्तर 92.780 मीटर पर पहुंच कर थम गया था। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक सोमवार को शाम जलस्तर थमने के बाद तेजी से आधी रात बाद दो सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से कमी दर्ज होने लगी।
मंगलवार शाम 4 बजे तक नदी का जलस्तर 92.570 मीटर रिकॉर्ड हुआ। जो खतरे के निशान से 21 सेमी कम है। अभी भी नदी के घटने की रफ्तार एक सेमी प्रति घंटा दर्ज हो रही है।
उधर, घटाव से सरयू से सटे इलाकों में कटान का खतरा गंभीर होने लगा है। शहर के गुप्तारघाट के तटीय मीरनघाट, निर्मली कुंड, परिक्रमा मार्ग आदि क्षेत्रों में नदी के पानी से कटान बढ़ने लगी है।
सदर तहसील के पूरा व मया ब्लॉक क्षेत्र के मूड़ाडीहा, पिपरी संग्राम, पूरे चेतन, उरदहवा, बाबा का पुरवा, मडना मांझा, बलुइया व काजीपुर मांझा में नदी की लहरें तेजी से खेतों व आबादी की मिट्टी काट रही हैं।
कटान के बढ़ते खतरे के मद्देनजर अयोध्या-बिल्वहरिघाट बंधे पर सुरक्षा सतर्कता बढ़ाने के साथ तटीय इलाकों में राजस्व कर्मियों की टीम कैंप कर स्थिति का जायजा ले रही है।