इस चुनाव में कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
-प्रत्याशी की हार-जीत का कई नेताओं की इमेज पर पड़ सकता असर
अमर उजाला ब्यूरो
फैजाबाद। निकाय चुनाव को लेकर प्रमुख प्रत्याशियों के साथ उनके दलों के दिग्गज भी सक्रिय हैं। वह अपने दल की जीत सुनिश्चित कराने हर कोशिश कर रहे हैं। इन दिग्गजों में वर्चस्व की जंग हो रही है। भाजपा, सपा आदि के नेता इस चुनाव से सीधे जुड़ते दिख रहे हैं। इसलिए चुनाव परिणाम का असर उनकी प्रतिष्ठा पर भी पड़ सकता है।
इन दिग्गजों ने वर्चस्व की जंग के लिए अब तक कई पापड़ बेले हैं। अंदरूनी विरोध के बावजूद इस जंग की फतह के लिए उन्होंने कई फैसले लिए जिसमें इनके अपनों के साथ स्वयं की साख को झटका लगा। कई को टिकट बंटवारे के समय पार्टी के लोगों की बेरूखी झेलनी पड़ी। भले ही घोषित तौर पर यह बात न कही जा रही हो, लेकिन टिकट को लेकर राजनीति के धुरंधरों को अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगानी पड़ी। पार्टी की साख बचाने और स्वच्छ छवि का प्रत्याशी देने के लिए उन्होंने दूसरे दल के लोगों को भी गले लगाया।
नगर निगम अयोध्या के महापौर पद के प्रत्याशी को लेकर यहां से लखनऊ तक दौड़ लगाई गई। इसी सियासी जंग को धारदार बनाने के लिए सभी दलों में तेज तर्रार नेताओं का टिकट काटकर दूसरों को प्रत्याशी बनाया गया। बावजूद इसके पार्टी के धुरंधर हाईकमान से अपने चहेतों को मैदान में उतारने में कामयाब हो गए। अब दिग्गज अपने पंसदीदा प्रत्याशियों की नैया पार कराने के लिए यह नेता रात के अंधेरे में भी घूमकर मतदाताओं को समझाने में लगे हैं। दूसरे दलों के लोगों को अपने साथ सियासत की मुख्य धारा में जोड़ने की कोशिश में हैं।