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दूसरे पहर भक्त नहीं कर सके रामलला का दर्शन

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दूसरे पहर भक्त नहीं कर सके रामलला का दर्शन
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अयोध्या। गुरुपूर्णिमा पर विभिन्न प्रांतों से अयोध्या पहुंचे लाखों भक्त दूसरे पहर गुरु पूजन व रामलला समेत अन्य मंदिरों में दर्शन नहीं कर सके। इस वर्ष गुरुपूर्णिमा पर ग्रहण का साया होने के कारण दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से रामनगरी के मठ-मंदिरों के पट बंद हो गए। जिसके चलते गुरु पूजन को लेकर मठ-मंदिरों में गहमागहमी का माहौल रहा। ग्रहण रात 11 बजकर 55 मिनट बजे से शुरू होकर रात 3 बजकर 51 मिनट तक रहा। अब सभी मंदिरों के कपाट शनिवार की सुबह आरती उपरांत खुलेंगे।
ग्रहणकाल में सूतक की शुरूआत के साथ ही मंदिरों और घरों में स्थापित भगवान के विग्रह का स्पर्श भी वर्जित हो जाता है। इसी मान्यता के चलते पूर्णिमा पर्व पर दूसरे पहर मठ-मंदिरों के पट बंद कर दिए गए। बड़ी संख्या में भक्त मंदिरों की चौखट पर ही शीश झुकाकर लौट गए। वहीं रामलला के दर्शन के लिए समय निर्धारित है। प्रथम पाली में सुबह 7 से 11 और द्वितीय पाली में दोपहर 1 से शाम 5 बजे तक ही दर्शन का समय निश्चित है। चंद्रग्रहण के कारण दूसरी पाली में भक्त रामलला का दर्शन नहीं कर सके। इसके अलावा हनुमानगढ़ी, कनकभवन, नागेश्वरनाथ, क्षीरेश्वरनाथ समेत अन्य मंदिरों के पट सूतक लगते ही बंद कर दिए गए। इससे बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने आराध्य का दर्शन नहीं कर पाए।
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अब शनिवार सुबह खुलेंगे मठ-मंदिरों के पट
चंद्रग्रहण के सूतक के चलते शुक्रवार दोपहर 2 बजकर 54 मिनट से बंद हुए मंदिरों के कपाट अब शनिवार सुबह साफ-सफाई व आरती के बाद ही खुलेंगे। रामजन्मभूमि के पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि अब भक्तों को रामलला के दर्शन शनिवार को प्रथम पाली में ही हो सकेंगे। बताया कि शनिवार सुबह 7 बजे से भक्तों को रामलला का दर्शन सुलभ होगा। वहीं हनुमानगढ़ी में शनिवार की सुबह साफ-सफाई एवं आरती के बाद ही भक्त हनुमंतलला का दर्शन कर पाएंगें।
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