अयोध्या में सावन झूलनोत्सव मेला चरम पर
अयोध्या। रामनगरी का श्रावण झूलनोत्सव मेला चरम पर पहुंच चुका है। रामनगरी की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक छटा देखने लायक है। सावनी फुहारों के बीच मंदिरों में गुंजायमान हो रहे कजरी गीतों पर श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो रहे हैं।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का हुजूम रामनगरी में उमड़ पड़ा है। अपने प्रभु के झूला बिहार का दृश्य देखने के लिए श्रद्धालु मंदिरों की ओर उन्मुख हो रहे हैं। विभिन्न प्रांतों से आए कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
चक्रवर्ती महाराज दशरथ जी का राजमहल बड़ा स्थान में महंत बिंदुगाद्याचार्य स्वामी देवेंद्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता में झूलन महोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। रात्रि आठ बजे से 11 बजे तक शास्त्रीय संगीतज्ञों, गायकों व लोक नर्तकों की मनोहारी प्रस्तुतियां दर्शकों-भक्तों को भावविभोर कर रही हैं।
स्वर्ण-रजत झूले में बिहार कर रहे श्री धनुषधारी भगवान की अलौकिक छटा का दर्शन कर भक्त धन्य हो रहे हैं। आज झूलहियो पिय तोको, हिय अभिलाख लाख भातिन से.., है जीवन धन मोको, चंचलता चातुरी चलन, चख चारु चरित अवलोको... जैसे कजरी गीतों की धुनें भक्तों को बरबस अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।
वहीं, कनक भवन स्थित श्रीलाल साहब दरबार में मंदिर के महंत जानकी शरण की अध्यक्षता में भव्य झूलन महोत्सव भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बना हुआ है। मंदिर में भव्य झूले में बिहार करते श्री बालरूप श्रीरामजी लाल साहब की अनुपम छटा का दर्शन कर भक्त निहाल हो रहे हैं।
इसी प्रकार रामनगरी के कोशलेश सदन, श्रीमणिराम छावनी, श्रीरामबल्लभाकुंज, लक्ष्मणकिला, जानकीघाट बड़ास्थान, विश्वविराट विजय राघव मंदिर, डांडिया मंदिर, वैद्यजी मंदिर, रंगमहल, लवकुश मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रावण झूलनोत्सव की धूम है।