तारुन। थाना क्षेत्र के ग्रामसभा ककराही से शुक्रवार रात लापता सुभाषचंद्र (38) का शव सुबह रहस्यमय हालात में गांव के मजरे जंगलवा में गन्ने के खेत के पास चकरोड पर मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया। पुलिस अभी आत्महत्या अथवा हत्या की गुत्थी को सुलझाने में लगी हुई है।
रविवार सुबह गांव की एक महिला के अंतिम संस्कार में शरीक होने आए ग्रामीणों को चकमार्ग पर शव दिखाई दिया। घटना की जानकारी होते ही थानाध्यक्ष वीर सिंह, दरोगा मो. आलम खां, अच्छेलाल सरोज आदि मौके पर पहुंचे और शव की शिनाख्त की कार्रवाई ग्रामीणों के माध्यम से शुरू किया।
शव फूल गया था और दुर्गंध आ रही थी। जिससे आसानी से पहचान नहीं हो पा रही थी। इसी बीच ककराही निवासी मृतक के चचेरे भाई संजय पहुंचे और लाश के पास पड़े चप्पल, शर्ट व सिर के बाल कटिंग से मृतक की पहचान सुभाष वर्मा पुत्र तुलसीराम के रूप में किया।
मृतक के दो पुत्रियां शिवानी (8) एवं मीनाक्षी (5) थी। मृतक की पत्नी श्रीमती ने बताया कि शुक्रवार रात सुभाष घर के बाहर सो रहा था और रात में अचानक लापता हो गया।
सुबह करीब चार बजे वह उठी तो चारपाई पर नहीं थे। वह दिल्ली में रहकर सिलाई का काम करते थे। करीब एक माह पहले घर आये थे।
दरोगा मो. आलम ने बताया कि शनिवार को मृतक की माता दुलारी देवी की तहरीर पर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस इस मामले में हत्या, आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगी हुई है। शव पर कहीं भी चोट तथा कटे के निशान नहीं थे। थानाध्यक्ष वीर सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया गया है।