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बिना वीटीएस के फर्राटा भर रहीं रोडवेज की 116 बसें

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बिना वीटीएस फर्राटा भर रहीं रोडवेज की 116 बसें
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फैजाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन के फैजाबाद रीजन में 116 बसें बिना व्हेकिल्स ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) के सड़कों पर दौड़ रही है। हालत 50 परिवहन निगम की बसों में अभी तक वीटीएस नहीं लग पाया है। साथ ही 66 बसों में खराब है। इससे ओवर स्पीड पर नियंत्रण न लगने से यात्रियों की सुरक्षा के साथ निजी ढाबों के जरिए जगह-जगह यात्रियों को महंगे व असुरक्षित खाद्य पदार्थ से परेशान होना पड़ रहा है। रीजन की कौन सी बस कहां है, इसकी जानकारी विभाग के अफसरों के पास नहीं रहती है।
वर्ष 2012-13 में परिवहन निगम ने अपनी बसों को जीपीएस से लैस करने का निर्णय लिया। इसका उद्देश्य बसों की स्पीड को नियंत्रित करना था। जिससे होने वाले हादसों को रोका जा सके। इसके अलावा बसों को जगह-जगह अवैध रूप से ड्राइवर व परिचालक की मनमानी से खड़ा किए जाने पर लगाम लगाया जा सके। इन तमाम मकसदों के तहत परिवहन निगम ने सभी बसों में वीटीएस लगाने का निर्णय लिया। इस कार्य को करने का जिम्मा ट्राइमेक्स कंपनी को सौंपा गया। फैजाबाद रीजन में भी सभी बसों में वीटीएस प्रणाली लगाने के लिए वर्ष 2013 में शुरू हुआ। हालत यह है कि रीजन में स्थित 345 बसों में से अभी तक 295 बसों में ही वीटीएस लग पाया है जबकि पांच साल से अधिक का अर्सा बीत चुका है। ट्राइमेक्स ने जिन 295 बसों में वीटीएस प्रणाली लगाई मौजूदा समय में उनमें 66 बसों के वीटीएस फेल हो गए। इससे न तो लोकेशन ट्रेस हो पा रही थी और न ही बसों की स्पीड का आंकलन हो पा रहा था। अंत में विभाग के निर्देश पर 66 बसों के वीटीएस निकाल कर मुख्यालय को भेजे। खबर है कि मुख्यालय में वीटीएस को दुरुस्त किया जा रहा है लेकिन जिन बसों में वीटीएस नहीं है उन बसों में नए वीटीएस लगाने को लेकर कोई प्लान नहीं है। फिलहाल 116 बसें अनाधिकृत ढाबों पर खड़ी होने के साथ सड़कों पर तेजी से फर्राटे भर रही हैं।
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वाराणसी के दुर्घटनाग्रस्त बस में नहीं था वीटीएस
अभी हाल ही में फैजाबाद डिपो की एक बस वाराणसी में दुर्घटना का शिकार हुई थी। जब परिवहन निगम के अफसरों की ओर से मामले की जांच शुरू की गई तो पाया गया कि बस में वीटीएस प्रणाली नहीं लगी थी, जिससे ड्राइवर को क्लीन चिट मिल गई। साथ ही हादसे की जांच भी वीटीएस के आभाव में आगे नहीं बढ़ सकी।

निगम में भी रखे जाएं सॉफ्टवेयर इंजीनियर
परिवहन निगम के समस्त कार्य का जिम्मा परिवहन निगम के पास है। टिकट बनाने, एमएसटी बनाने व वीटीएस लगाने का जिम्मा ट्राइमेक्स कंपनी के पास है। पूरे प्रदेश में एमएसटी घोटाले की बात सामने आ ही चुकी है। एक अफसर का दावा है कि काफी वीटीएस पुराने लाकर लगा दिए गए हैं। इससे आए दिन खराब हो रहे हैं। रोजवेज इंप्लाइज यूनियन के मंडलीय मंत्री वीके अवस्थी का कहना है कि परिवहन निगम को चाहिए कि ट्राइमेक्स के कार्यों पर निगरानी रखने के लिए अलग से सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पोस्टिंग की जाए, जिससे परिवहन निगम के समस्त कार्यों की देखरेख विभाग के लोग ही करें।
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रीजन के इन डिपो की बसों में नहीं है वीटीएस
डिपो का नाम बसों की संख्या वीटीएस लगी बसें बिना वीटीएस की बसें
फैजाबाद 136 127 08
सुल्तानपुर 108 90 18
अमेठी 38 31 07
अकबरपुर 63 46 17

जिन बसों में वीटीएस नहीं लगे हैं, उन बसों में वीटीएस लगवाए जाएंगे, मुख्यालय मरम्मत को गए वीटीएस को मंगाकर जल्द बसों में स्थापित किया जाएगा।- धर्मेंद्र नाथ, प्रभारी आरएम, फैजाबाद
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