भीषण अग्निकांड में 53 घर जलकर राख
मवई (फैजाबाद)। थाना क्षेत्र के ग्राम कोइली का पुरवा मजरे सैदपुर में शनिवार को चूल्हे की चिंगारी से उठी आग से पूरा गांव पल भर में राख के ढेर में बदल गया। इस भीषण अग्निकांड में गांव के 53 घर जलकर राख हो गए। हालांकि इसमें किसी तरह की जनहानि नहीं हुई लेकिन सभी पीड़ितों के घर का सारा सामान जलकर राख हो गया। दमकल की चार गाड़ियां व पूरा प्रशासनिक अमला कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सका।
कोइली का पुरवा गांव के पश्चिम दिशा में स्थित गहनागदीन के मकान में शनिवार को पूर्वाह्न करीब 11 बजे अचानक आग लग गई। देखते ही देखते अपना विकराल रूप धारण कर लिया। पछुआ हवा के तेज झोंकों ने आग में घी का काम किया। देखते ही देखते पूरा गांव जलकर राख हो गया। सूचना पर रौनाही, मिल्कीपुर, रुदौली तथा राम सनेहीघाट से दमकल की चार गाड़ियां गांव पहुंची और ग्रामीणों व प्रशासन के सहयोग से करीब दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। वहीं ईद की नमाज अदा करवा रहा प्रशासन भी इस अग्निकांड की सूचना से सकते में आ गया। कुछ ही देर में सीओ अमर सिंह, थाना प्रभारी नीरज राय, नायब तहसीलदार नर सिंह नरायन वर्मा, कानूनगो बृजेश कुमार, लेखपाल मग्घू राम शर्मा, राम धीरज कुशवाहा, नकछेद, राम धीरज भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझने के बाद क्षति का आंकलन किया।
अग्निकांड की सूचना पाकर विधायक रामचंद्र यादव भी मौके पर पहुंचे और अग्नि पीड़ितों से मिल कर उन्हें शीघ्र ही सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। रात में ही राजस्व कर्मियों ने तत्कालिक सहायता राशि वितरित कर दी। एसडीएम रुदौली ने बताया कि भीषण अग्निकांड से गांव में 53 घर व उनका सामान जलकर राख हो गया। गांव में प्रशासनिक अमला तैनात कर दिया गया। शनिवार रात पीड़ित परिवारों को 14 लाख 27 हजार रुपये की आपदा राशि का वितरण भी किया गया।
नहीं बचा एक भी दाना, भूख से बिलखते रहे बच्चे
भीषण अग्निकांड में गांव के किसी भी व्यक्ति के घर एक दाना नहीं बचा। जिससे बच्चे बिलखते नजर आए। उनकी करुण वेदना देख ग्राम प्रधान दिनेश पांडेय ने अग्नि पीड़ितों को पहले तो लाई की व्यवस्था कराई फिर शाम को सभी के लिए भोजन व्यवस्था भी कराई।
ये परिवार हुए अग्निकांड के शिकार
अग्निकांड के शिकार हुए परिवारों में बाबू, जगदीश, रामतीर्थ, सुनील कुमार, बाबूराम, रामकेवल, दयावती, बुधई, रामलाल, दीनानाथ, शोभनाथ, विश्राम, गहनाग, चित्तू, संतराम, श्यामलाल, विरजु, हरिश्चंद, कृष्णकुमार, सुनीता, दुखना, विष्टि, गुड्डा, नंदकुमार, मालती, माता फेर, शिवलला, मंगल, जुग्गी, सुनीता, अंगद, तेज नारायण, राजितराम, मनीष, राम अंजोर, दिनेश, बुधना, रंपता, राम बरन, पतिराम, बरसाना, सुमिरता, जगरानी, रमेश, सरजू, रामकरण, दुखना, कौशिल्या, वृजमता, खुशीराम, ममता, जग प्रसाद, कमलेश कुमारी आदि शामिल रहे।