लावारिस मिला शिशु, इलाज के बाद एक परिवार ने अपनाया
फैजाबाद। जिले में बीकापुर कोतवाली क्षेत्र और महराजगंज थाना क्षेत्र में मंगलवार को दो नवजात लावारिस खेत में पड़े मिले। दोनों लावारिस नवजात बच्चों को ग्रामीणों ने अपनाकर ममता की छांव दी है।
बीकापुर प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के धेनुवाआं जिला पंचायत सदस्य संजय यादव का गांव के समीप गन्ने का खेत है। गांव के कुछ लोग सोमवार देर शाम शौच करने गए तो गन्ने के खेत के किनारे बच्चे की रोने की आवाज आई।
लोगों ने देखा तो कपड़े में लिपटा हुआ नवजात शिशु पड़ा था। मौके पर काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गई और नवजात शिशु को सीएचसी बीकापुर लाया गया। वहां चिकित्सक रामनाथ और स्टाफ नर्स सुमन सिंह, सुभद्रा ने बच्चे को भर्ती करके नाल काटी व दवा-उपचार किया।
अन्य संक्रमण से बचाने के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। जहां गांव के निसंतान दंपती रामअंजोर और उनकी पत्नी रामावती ने बच्चे को पालने की सहमति जताई और विश्वकर्मा पूजा के दिन बच्चे का मिलना शुभ संकेत मानते हुए इसे विश्वकर्मा भगवान की कृपा बताया।
अस्पताल में उप निरीक्षक सुरेश गुप्ता ने लोगों से पूछताछ की। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने लोक-लज्जा के डर से नवजात शिशु को गन्ने के खेत में फेंक दिया था। नवजात शिशु बालक है और पूर्ण रुप से स्वस्थ बताया जा रहा है।
मयाबाजार प्रतिनिधि के अनुसार महराजगंज थाना क्षेत्र के अरवत गांव के मजरे भिखारीपुर में सुबह एक ग्रामीण को गन्ने के खेत में एक बच्चे की रोने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो एक नवजात तड़प तड़प कर रो रही थी।
यह बात जब अन्य ग्रामीणों को पता चली तो भीड़ जुट गई। फौरन उसे गांव में स्थित स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टर ने जांच कर बताया कि बच्ची पूर्णतया स्वस्थ है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल में कार्यरत एक दायीं को बच्चा उसके निवेदन पर पालने के लिए सौंप दिया।
यह खबर जब फैली तो चौक फैजाबाद के ताला वली गली में सराफा की दुकान करने वाले धर्मेंद्र कुमार मथरिया अपनी पत्नी के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने बच्ची को पालने की इच्छा जाहिर की लेकिन दायी किसी भी कीमत पर बच्चा देने को तैयार नही थी।
मथरिया दंपति के निसंतान व संपन्नता को देख गांव के प्रधान व सम्मानित लोगों ने बच्ची के अच्छे भविष्य का हवाला देकर दायी को समझा बुझाकर बच्ची को उनके सुपुर्द कर दी।
सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अंशुमान यादव ने बताया ने की चाइल्ड हेल्प केयर यूनिट को फोन से सूचना दी गयी है महराजगंज पुलिस को भी सूचित किया गया था। नियमत: बच्चे को पहले चाइल्ड केयर अपने साथ ले जाकर वह जिसे चाहे लिखा पढ़ी के बाद सौंप सकता है।