तारुन और इनायतनगर थाना क्षेत्र के गांवों में शनिवार की दोपहर आग ने जमकर कहर बरपाया। इन हादसों में 12 घर आग की भेंट चढ़ गए। तारुन के चरावां गांव के मजरे डिहवा में सात घर जलने के साथ ही तीन मवेशी जिंदा जल गए और एक गाय गंभीर रूप से झुलस गई है।
अग्निशमन दल के सही समय पर न पहुंच पाने से ग्रामीणों ने खुद ही जैसे-तैसे आग पर काबू पाया। उधर, इनायतनगर के मुकुलपुर गांव में लगी आग से पांच घरों की गृहस्थी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों की मदद से अग्निशमन दल ने काफी देर बाद आग पर काबू पाया।
दोनों घटनाओं में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। बीकापुर प्रतिनिधि के मुताबिक, तारुन के डिहवा गांव में शनिवार दोपहर लगी आग से कोहराम मच गया। अपना सब कुछ आग की भेंट चढ़ते देख ग्रामीण कुछ न कर पाने को लेकर हताश नजर आ रहे थे।
स्थानीय किसी व्यक्ति ने फायर स्टेशन को फोन भी किया लेकिन जब तक अग्निशमन दस्ता पहुंचता तब तक बहुत देर हो चुकी थी। जैसे-तैसे ग्रामीण खुद ही आग पर काबू पा सके। इस दौरान गांव निवासी जगदंबा, रामसजीवन और रंजीत के तीन मवेशी (सूअर) आग में जिंदा जलकर मर गए।
वहीं हरिलाल की गाय बुरी तरह झुलस गई। इन सब के साथ मस्तराम, राकेश व मोतीलाल की गृहस्थी जलकर राख हो गई। आग बुझने के बाद पीड़ित ग्रामीण अपने-अपने घरों में जले सामानों के बीच बचे सामानों को तलाशते रहे लेकिन सातों परिवार से आग की विभीषिका ने सब कुछ छीन लिया।
पीड़ितों के पास परिवार की भूख मिटाने के लिए अन्न भी नहीं बचा। आग की सूचना पर तहसीलदार अरुण कुमार मिश्र ने नुकसान के आकलन के लिए कानूनगो रामसूरत शर्मा व लेखपाल कुलदीप श्रीवास्तव को मौके पर भेजा। साथ ही पशु चिकित्साधिकारी को मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम करवाने का निर्देश दिया है।
तहसीलदार ने बताया कि जिन लोगों के आवास जले हैं, उनको 3200 रुपये और जिनके मवेशी मरे हैं, उनके मालिकों को 3000 रुपये प्रति व्यक्ति अहेतुक सहायता प्रदान की जाएगी। मिल्कीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, क्षेत्र के मुकुलपुर गांव में शौकत अली के घर में अचानक आग लग गई।
लपटें उठती देख ग्रामीणों ने गुहार लगाई। तेज हवा के झोके के साथ आग पल भर में नान्हू, कुंदल, अशोक व तिलकराम के घरों में भी लग गई। गांव में कोहराम मच गया। पूरा गांव एकट्ठा हो गया। लोगों ने इसकी सूचना अग्निशमन दल को दी।
ग्रामीणों की मदद से दल ने जब तक आग पर काबू पाया तब तक पांचों घर जल गए। सूचना के बाद भी राजस्व विभाग का कोई अधिकारी व कर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। एसओ दर्शन यादव ने बताया कि पीड़ित परिवारों को प्रधान से कहकर खाद्य सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है।