अयोध्या। सोमवार को मतदान तो भले ही सुबह सात बजे से शुरू हुआ, मगर पुलिस महकमे ने अपनी ड्यूटी रविवार रात से ही संभाल ली थी।
जिला कंट्रोल रूम व पुलिस लाइन स्थित चुनाव सेल के साथ यातायात शाखा में पूरी रात हलचल रही। वायरलेस चीखता रहा और अधिकारियों से लेकर कर्मचारियों तक के मोबाइल घनघनाते रहे।
जिला कंट्रोल रूम में सोमवार को मतदान शुरू होने के पूर्व ही सुबह पांच बजे से वायरलेस ने चीखना शुरू कर दिया। कोई अपनी समस्या बता रहा था तो कोई अपने क्षेत्र व बूथ में सब कुछ ओके होने की रिपोर्ट दे रहा था।
...फलां बोल रहा हूं। मेरी ड्यूटी सेक्टर मोबाइल दस्ते में लगाई गई है। चलने के लिए टाटा मैजिक मिली है। वाहन तो ठीक है, मगर चालक सही नहीं है। इसको बदलवा दीजिए।
कंट्रोल रूम में ड्यूटी पर तैनात कर्मी जवाब देता है, इसके लिए यातायात शाखा में प्रभारी... के मोबाइल नंबर पर संपर्क करें। ...साहब मेरे साथ बूथ पर ...फलां सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है। सिपाही अभी तक नहीं पहुंचा।
चुनाव पुस्तिका में उसका मोबाइल नंबर तो है लेकिन मिलाने पर मोबाइल स्विच ऑफ बता रहा है। कंट्रोल रूम से जवाब दिया जाता है कि इसके लिए सूचना चुनाव सेल को दें। ...फलां सिपाही का शरीर अकड़ने लगा है, उसकी तबियत खराब हो गई है। ...ओके सर, मैसेज नोट किया गया।
अधिकारियों को सूचित किया जा रहा है। एंबुलेंस भेजी जा रही है। ...पार्टी नंबर फला.., कोई परेशानी, कोई बात। नहीं सर, ऑल इज ओके।
पुलिस लाइन स्थित चुनाव कार्यालय में भी सोमवार को भोर से ही गहमागहमी रही। चुनाव ड्यूटी में लगाए गए गैर जनपदों के ही नहीं जिले के भी पुलिस कर्मी मोबाइल पर फोन कर अपनी-अपनी समस्याएं नोट कराते नजर आए।
कोई अपनी टीम के सदस्यों का नाम, पता व उनका मोबाइल नंबर पूछ रहा था तो कोई क्षेत्र में आई दिक्कतों की कहानी बयां कर रहा था।
अधिकारियों की ओर से भी किसी न किसी के बाबत जानकारी मांगी जा रही थी, जिसको चुनाव सेल के कर्मी उपलब्ध कराने में जुटे रहे।