अयोध्या। लोकसभा चुनाव में सोमवार को होने वाले मतदान में इतिहास बनाने और दोहराने का इम्तिहान होगा। मतदाता पिछले साल का रिकॉर्ड तोड़ मतदान का नया इतिहास रचने के जोश में हैं।
जबकि भाजपा को भगवा दुर्ग बचाने और सपा-कांग्रेस को खोई सीट हासिल करने की चुनौती है। इम्तिहान उन पांचों विधानसभा सीटों के विधायकों की लोकप्रियता का ग्राफ जांचने का भी है।
चुनाव आयोग, राजनीतिक दल, सामाजिक संगठनों समेत हर किसी ने मतदाताओं को अधिक से अधिक मतदान कर मन मुताबिक सरकार चुनने के लिए दो माह से लगातार अभियान चलाया।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुज कुमार झा ने 90 फीसदी मतदान का लक्ष्य रखते हुए गांव-गली-मोहल्ले से बूथ तक मतदाताओं को लाने के लिए बुलावा टीमें तक गठित की है।
पिछले बार 2014 के लोकसभा चुनाव में 58.82 प्रतिशत मतदान अब तक का यहां सबसे अधिक मतदान का रिकॉर्ड भी था। इसे 2017 के विधानसभा चुनाव में भी नहीं तोड़ा जा सका।
इस बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, इसी सीट के बाराबंकी जिले में स्थित दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, रालोद प्रमुख चौ. अजीत सिंह ने चुनावी सभाएं कर अधिक से अधिक वोट देने की प्राथमिकताएं गिनाई थी।
नामांकन के बाद कांग्रेस से भले कोई बड़ा नेता नहीं आ सका, मगर सबसे पहले यहां करीब 50 किमी रोडशो करके पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ही बिगुल फूंका था।
अब मतदाताओं को पिछला रिकॉर्ड तोड़ फर्स्ट क्लास पास होने की चुनौती है। फैजाबाद के नतीजे प्रत्याशियों की हार-जीत ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों के भविष्य की चाल भी तय करने वाले हैं।
भाजपा के लिए लोकप्रियता का ग्राफ जांचने का प्रश्न है तो कांग्रेस को हारी बाजी जीतने का। सपा-बसपा-रालोद गंठबंधन को अपने जातीय समीकरण की अग्निपरीक्षा का सवाल है।
परीक्षा की घड़ी इसलिए है
पिछले चुनाव में मोदी लहर ने सपा-बसपा व कांग्रेस को हाशिए पर डाल दिया था। भाजपा को कुल मतदान का सर्वाधिक 48.08 फीसदी वोट मिला था। तब सपा को मिला 20.43 फीसदी, बसपा को 13.87 फीसदी व कांग्रेस को 12.7 फीसदी वोट शेयर मिलाकर भी मुकाबले में नहीं था। कांग्रेस को 15.54 फीसदी का नुकसान हुआ था, जबकि बसपा को 4.24 व सपा को 0.57 फीसदी। मोदी लहर में भाजपा का वोट 27.85 फीसदी बढ़ा था। इस बार भी इन्हीं तीनों प्रत्याशियों के बीच मुकाबले की तस्वीर बन रही है।
पांचों सीटों पर भाजपा विधायक
फैजाबाद संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाली पांचों विधानसभा सीटें भाजपा के कब्जे में हैं, इसलिए इनकी लोकप्रियता की भी परीक्षा होनी है। दरियाबाद से सतीशचंद्र शर्मा, रुदौली से रामचंदर यादव, मिल्कीपुर से गोरखनाथ बाबा, बीकापुर से शोभा सिंह चौहान और अयोध्या से वेद प्रकाश गुप्ता विधायक है।