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रामनाम संकीर्तन के बीच और दृढ़ हुआ परमहंस का अनशन

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ठोस पहल नहीं तो 14 से शुरू करेंगे कारसेवा
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अयोध्या। राममंदिर निर्माण की मांग को लेकर तपस्वी छावनी परिसर में अशोक वृक्ष के नीचे आमरण अनशन पर बैठे महंत परमहंस का अनशन निरंतर दृढ़ होता जा रहा है।

दूसरी तरफ अनशन समाप्त करने की कवायद तेजी से शुरू हो चुकी है, लेकिन महंत परमहंस अपने जिद पर अड़े हैं। जबकि उनके स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आ रही है।
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अनशन पर बैठे महंत परमहंस ने पत्रकारों से कहा कि रामलला तंबू में हैं, इससे बड़ी गुलामी क्या हो सकती है। कहा कि जिलाधिकारी मिलने आए थे। प्रशासन ने सकारात्मक पहल की है।

जब तक प्रधानमंत्री मोदी जी नहीं चाहेंगे मंदिर निर्माण नहीं हो पाएगा। यदि शीघ्र कोई ठोस पहल नहीं होती है तो हमने सबको एकजुट होने का आवाहन कर दिया है। 14 तारीख से कारसेवा शुरू करके रामलला के लिए कुर्बानी देने के लिए तैयार हूं।

वहीं राममंदिर निर्माण व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आकर रामलला का दर्शन करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे तपस्वी छावनी के महंत परमहंस के मान-मनौव्वल के प्रयास तेज हो गए हैं।

नगर विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस को मुख्यमंत्री से फोन पर वार्ता कराने का प्रस्ताव रखा, लेकिन परमहंस नहीं माने। उन्होंने कहा कि फोन से वार्ता करने पर अनशन नहीं टूटेगा।

योगी जी अयोध्या आकर प्रधानमंत्री का संदेश दें। दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास, मणिरामदास छावनी के उत्तराधिकारी कमलनयन दास, महंत गिरीशपति त्रिपाठी व डीएम डॉ. अनिल कुमार पाठक द्वारा महंत को समझाने व मनाने की कोशिशें जारी है।

जिलाधिकारी ने बताया कि वे अनशन खत्म के प्रयास में लगे हुए हैं। साधु-संतों से इस बाबत बातचीत का दौर चल रहा है। एसपी सिटी अनिल सिंह सिसौदिया भी परमहंस को मनाने पहुंचे। दावा किया कि इसका हल हम शीघ्र निकाल लेंगे।

उधर रविवार को भी एक बार किन्नर समाज ने अनशन स्थल पर पहुंचकर जय श्रीराम का नारा लगाया। उत्तर भारत किन्नर अखाड़ा की महामंडलेश्वर महाभवानीनाथ बाल्मीकि व गुलशन बिंदु की अगुवाई में किन्नर समाज ने कहा कि अब राममंदिर का निर्माण तो होना ही चाहिए।

हिंदु युवा वाहिनी भारत के प्रदेश अध्यक्ष अनुभव शुक्ला भी अपने समर्थकों के साथ महंत परमहंस को समर्थन देने पहुंचे। राममंदिर निर्माण की मुहिम चला रहे बबलू खान ने भी अनशन स्थल पर पहुंचकर महंत परमहंस को देवा शरीफ से गमछा लाकर सौंपा।

कहा कि उन्होंने देवा शरीफ का दर्शन कर राममंदिर के लिए दुआ मांगी है। वहीं पार्षद महेंद्र शुक्ल, पार्षद संजय पांडेय ने भी अपने साथियों के साथ तपस्वी छावनी पहुंचकर राममंदिर निर्माण की हुंकार भरी।

कांग्रेस नेता गौरव तिवारी, सुनील कृष्ण गौतम, छात्रनेता नवनीत श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में हर वर्ग के लोग परमहंस के समर्थन में उतर आए हैं।

मेडिकल बुलेटिन को लेकर जिला प्रशासन ने डॉक्टरों को मीडिया में जानकारी देने से मना कर दिया है। यह जानकारी देते हुए श्रीराम अस्पताल अयोध्या के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने से मना कर दिया है।

मगर बाद में शाम को वे तैयार हुए। मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अनशन के सातवें दिन सुबह महंत परमहंस का मेडिकल चेकअप किया गया। उनका वजन लगातार तेजी से घट रहा है। ब्

लड प्रेशर कभी कम तो कभी ज्यादा हो रहा है। यह स्थिति धीरे-धीरे महंत की हालत क्रिटिकल होते जाने का संकेत है। महंत के ब्लड की जांच कराई है। जांच रिपोर्ट आते ही जिला प्रशासन को सूचना दी जाएगी।

परमहंस के अनशन पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री के खास दिगंबर अखाड़ा के महंत सुरेश दास ने कहा कि अनशन से राममंदिर का निर्माण नहीं होगा। राममंदिर तो अयोध्या में ही बनना है। मामला कोर्ट में है। अनशन की कोई जरूरत नहीं है।
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बोले कि सीएम योगी आदित्यनाथ के कहने पर महंत परमहंस को मनाने गया था, लेकिन परमहंस अपने हठ पर कायम है। उन्होंने अनशन कर राममंदिर मुद्दे पर सरकार को चेताने का काम किया है अब अनशन तोड़ देना चाहिए।

परमहंस बात न मानकर अयोध्या के संतों की उपेक्षा कर रहे हैं। हम सभी अयोध्या में राममंदिर का निर्माण चाहते हैं लेकिन जिद से कोई रास्ता नहीं निकलता है।
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