बाबा सिद्धनाथ मंदिर में परिवार के साथ पूजा अर्चना के बाद चंबल के खार में नहाने गया युवक डूब गया। सूचना पर एसडीएम एवं सीओ मौके पहुंचे। उन्होंने स्थानीय गोताखोरों की मदद से चार घंटे बाद युवक को ढूंढ निकाला। युवक की सांसें चल रही थीं। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
थाना सहसों के बाबा सिद्धनाथ मंदिर में सोमवार को लोग दूर-दराज से पूजा करने आते हैं ।
लखना निवासी 22 वर्षीय बृजमोहन उर्फ छोटू मां एवं बहनोई दीपक पोरवाल के साथ पूजा करने आए थे। इसी बीच चंबल नदी का जलस्तर बढ़ने लगा। लौटते समय नदी का पानी रास्ते में बनी पुलिया के काफी ऊपर आ गया। पुलिया पार करके छोटू एवं उसके बहनोई चंबल के खार में नहाने लगे। कुछ देर बाद दोनों खार में डूबने लगे। उसी समय भैंस चरा रहे सहसों निवासी सत्यम उर्फ गोलू ने छोटू के बहनोई दीपक को बचा लिया। छोटू गहरे पानी में डूब गया। घटना की जानकारी पाते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा गए। छोटू को ढूंढने की कोशिश की।
छोटू के डूबने पर परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। सूचना पर एसडीएम राजमणि मिश्र, सीओ कृष्ण कुमार, एसओ आनंद कुमार सिंह ,एसओ सहसों उदय भान सिंह यादव घटना स्थल पर पहुंचे। मोटर बोट व स्थानीय गोताखोरों की सहायता से युवक को चार घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाल लिया गया। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
प्रशासनिक एवं सुरक्षा चूक से हुई घटना
घटना स्थल पर पहुंचे क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि बाबा सिद्धनाथ मंदिर में हर सोमवार को पुलिस पिकेट लगती थी। इस बार सोमवार को पुलिस का कोई सिपाही तक नहीं था। चंबल नदी का पानी सिद्धनाथ मंदिर को जाने वाले मार्ग की पुलिया पर तीन से पांच फीट ऊपर था। अगर इस रास्ते पर पुलिस पिकेट होती तो घटना को टाला जा सकता था। थानाध्यक्ष सहसों का कहना है कि सोमवार को बराबर पुलिस व्यवस्था रखी गई थी ।