खतरे के निशान को पार करने के बाद उफान पर चंबल नदी।
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चंबल नदी का तेज गति से बढ़ता जलस्तर पारपट्टी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय बन गया है। सोमवार शाम को चंबल नदी खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर ऊपर रही। बाढ़ के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन ने एलर्ट जारी किया है। बाढ़ चौकियाें पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
चंबल नदी में उफान से नदी किनारे बसे कई गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। चंबल में निर्धारित खतरे का निशान 119.7 मीटर पर है। जबकि वर्तमान में ये 121.15 मीटर पर बह रही है। जो खतरे के निशान से लगभग डेढ़ मीटर अधिक है। चंबल नदी का जलस्तर 15 सेमी प्रति घंटे की दर से बढ़ रहा है। वहीं यमुना नदी खतरे के निशान से लगभग 3 मीटर नीचे है। एक सेमी प्रति घंटे की दर से जलस्तर घट रहा है।
ग्राम भरेह में जहां यमुना चंबल का संगम है वहां चंबल का पानी यमुना में आ जाने से बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। जिस कारण खिरीटी, रनियंा, गौहानी, कांयछी, निवी, गढ़ाकासदा, हरौली, भरेह, चकरपुरा सहित दर्जन भर से अधिक गांवों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। यहां की कछारी भूमि जलमग्न हो गई है। अभी गांवों में पानी नहीं घुसा है। यदि चंबल नदी का जलस्तर इसी तरह से बढ़ता रहा तो पानी गांवों में भी जा सकता है। एसडीएम राजमणि मिश्रा ने बताया कि एलर्ट जारी कर दिया है। जलस्तर को देखते हुए विशेष निगरानी की जा रही है।