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योग को बनाया जीवन का अंग , रोगो को दी मात

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निवाड़ीकला। योग से शरीर निरोग बनता है। यह बात 69 वर्षीय सेवानिवृत्त अध्यापक श्यामदास गुप्ता पर यह बात लागू भी होती है। वह बताते हैं कि करीब 30 वर्षों से योग कर रहे हैं। इसी प्रकार 68 वर्षीय रामप्रकाश ओझा भी खुद की सेहत का राज योग को बताते हैं।
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बताया कि 1983 में आरएसएस से जुड़े और दो साल तक जुड़े रहे। 1986 में पिथौरागढ़ में अध्यापक पद पर कार्यरत हो गए। 1995 में अहेरीपुर में तबादला हो गया है और 2014 में सेवानिवृत्त हो गए। वह रोज दो घंटे योग करते हैं। पढ़ाने के दौरान बच्चों को भी योग का महत्व बताया।
इसी प्रकार रामप्रकाश ओझा बताते हैं कि रोजाना योग करने से वह निरोगी हैं। दूसरों को भी योग करने की सलाह देते हैं। बताया कि अध्यापक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद पैरों में दिक्कत होने लगी थी और बाल झड़ने लगे। एक दिन टीवी पर रामदेव को देखा और योग-प्रणायाम करने लगे। शुरू में दिक्कत हुई पर बाद में दिनचर्या बन गई। अब स्वस्थ महसूस करते हैं।
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