फोटो: 31 कई क्षेत्र में बारिश के चलते यमुना नदी में बढ़ा पानी। संवाद
शुक्रवार शाम पांच बजे के बाद से दर्ज की गई जलस्तर में गिरावट
संवाद न्यूज एजेंसी
बकेवर। पिछले दो दिनों में यमुना नदी का जलस्तर ढाई मीटर बढ़ने के बाद शनिवार को जलस्तर घटने लगा। शनिवार शाम छह बजे तक जलस्तर करीब आधा मीटर घट गया। जलस्तर बढ़ने का कारण कई क्षेत्रों में बारिश का होना है। जलस्तर घटने से बकेवर क्षेत्र में नदी के किनारे के गांवों के किसानों ने राहत की सांस ली है। अगर पानी और बढ़ता तो तलहटी में की गई सब्जी की फसल डूब सकती थी।
बकेवर क्षेत्र के इकनौर, मड़ैया दिलीपनगर, अन्दावा के अलावा लवेदी क्षेत्र के ग्राम लखनपुर, कछपुरा, मडैया, नंदगांव, मुचाई और बिझावली में किसानों ने यमुना की तलहटी में सब्जियों की बुवाई की थी। नदी का पानी बढ़ने से इन खेतों में पानी भरने का खतरा बन गया है। वहीं बकेवर थाना क्षेत्र के ग्राम दिलीपनगर, मडैया, इकनौर और मडैया मल्लाहन सहित अन्य गांवों के किसान भी जलस्तर बढ़ने से चिंतित थे। अंदावा निवासी बबलू निषाद ने बताया अभी खेतों में नुकसान नहीं है। फसलों में पानी नहीं भरा हैं। किसानों का कहना है कि यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहता तो फसल को नुकसान हो सकता था। यमुना जल आयोग के जलस्तर प्रभारी अभिषेक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को शाम पांच बजे तक यमुना का जलस्तर बढ़ा था। जो 118.29 मीटर पहुंचकर गिरना शुरू हो गया। शनिवार को जलस्तर करीब 40 सेमी तक गिर गया। शाम छह बजे जलस्तर 117.86 मीटर पर आ गया।
एसडीएम चकरनगर रोहित कुमार मौर्य ने बताया कि अभी यमुना में पानी नहीं छोड़ा गया है। स्थिति पर नजर रखने के लिए टीमों की तैनाती कर दी गई है। नदी किनारे संवेदनशील गांवों में निगरानी के लिए चौकियां भी स्थापित की जा रही हैं। जलस्तर में और बढ़ोतरी होने पर ग्रामीणों को पहले ही अलर्ट किया जाएगा। राजस्व और आपदा प्रबंधन की टीम लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही है।