नाले के पास बने संपवेल से ही उमरैन एसटीपी में पहुंचेगा गंदा पानी
- फोटो : ETAWHA
इटावा। यमुना नदी का जल अब निर्मल होने के आसार बन रहे हैं। नदी में अब बरसाती जल छोड़कर नालों का गंदा पानी सीधे नहीं गिरेगा। शहर से सटे उमरैन गांव में 21 मिलियन लीटर (एमएलडी) के निर्माणाधीन आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से अब हर रोज 45 एमएलडी गंदा पानी शुद्ध हो सकेगा। जनवरी 2021 तक काम पूरा होने की उम्मीद है।
शहर के नालों और सीवर लाइन से हर रोज करीब 45 एमएलडी पानी यमुना में पहुंच रहा है। पहले से संचालित दो एसटीपी के जरिए अभी करीब 24 एमएलडी पानी ही शुद्ध हो पा रहा है। 21 एमएलडी गंदा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। इस गंदे पानी को साफ करने की ही कवायद की जा रही है। आगरा की यमुना प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधीन आधुनिक एसटीपी के निर्माण का काम जारी है। इकाई के परियोजना प्रबंधक लोकेश शर्मा ने बताया कि पूरा प्रोजेक्ट कुल 119.92 करोड़ रुपये का है। इसमें से 44.66 करोड़ रुपये से सिविल व इलेक्ट्रिकल वर्क होंगे। शेष 75.26 करोड़ रुपये से प्लांट की 15 साल तक देखरेख होगी। जो इस प्लांट को बनाने वाली फर्म ही करेगी।
शहर का सारा गंदा पानी टिक्सी मंदिर के पास नाले में आता है। इस बड़े नाले का पानी दो हिस्सों में बांटा गया है। एक हिस्से का गंदा पानी करनपुरा टीले पर बने संपवेल (कुएं के आकार वाला संयंत्र) से 10.5 एमएलडी एसटीपी में पहुंचता है। जहां से प्रदूषण रहित पानी यमुना में जाता है। जबकि दूसरे हिस्से का पानी सड़क की पुलिया पार करके यमुना की ओर जाने वाले नाले के किनारे बने संपवेल में जाता है। इस संपवेल की 13.5 एमएलडी क्षमता वाली एसटीपी उमरैन में बनी है। वहां तालाबनुमा बने छह पौंड से पानी शुद्ध करके यमुना में पहुंचाया जा रहा है। नाले का शेष करीब 21 एमएलडी गंदा पानी अब तक सीधे यमुना को प्रदूषित कर रहा है। इस निर्माणाधीन 21 एमएलडी क्षमता की आधुनिक एसटीपी से सारा गंदा पानी साफ करके यमुना में छोड़ा जाएगा। टिक्सी मंदिर के पास नाले के किनारे से ही दो सीवर लाइनें भी मिली हैं जो नाले के किनारे बने संपवेल से ही जुड़ी हैं। इसलिए सीवर लाइन की गंदगी भी उमरैन में बने दोनों एसटीपी प्लांट में दूर होगी।
अभी जो दो एसटीपी संचालित हैं। उनमें पानी को पौंड में भरकर उसकी अशुद्धियां दूर की जाती है। जबकि निर्माणाधीन आधुनिक एसटीपी में पौंड की जगह बेसिन बनाए जाएंगे। कार्यदाई संस्था के इंजीनियर इंचार्ज/ साइड इंजीनियर चंद्रहास ने बताया कि प्रोजेक्ट के सिविल वर्क में 34 गुणा 37 मीटर लंबाई चौड़ाई और छह मीटर गहरे दो बेसिन बनाए जाएंगे। इनके जरिये गंदगी दूर होगी। अब इसी आधुनिक से गंदे पानी को शुद्ध किया जा रहा है। इसके अलावा टिक्सी मंदिर के पास नाले के किनारे बने संपवेल में पंपिंग मोटर की क्षमता वृद्धि होगी। यहां से उमरैन के एसटीपी तक पानी पहुंचाने के लिए 2200 मीटर दूरी तक 70 सेमी मोटाई वाली राइजिंग पाइप लाइन बिछाई जा रही है। करीब 500 मीटर लाइन बिछाई जा चुकी है। करीब 36 फीसदी कार्य पूरा हो चुका है। जनवरी 2021 तक इसे पूरा करना है।
यमुना नदी में अब सिर्फ बरसाती पानी ही सीधे पहुंचेगा। अभी तक दो एसटीपी संचालित थी। इस तीसरे एसटीपी के शुरू होने से समूचे गंदे पानी को ट्रीट किया जा सकेगा। इससे यमुना जल स्वच्छ होगा। यमुना प्रदूषण नियंत्रण की आगरा इकाई इस प्रोजेक्ट का निर्माण करा रही है।
आरके यादव, अधिशासी अभियंता, जलनिगम, इटावा