बीहड़ी क्षेत्र बाउथ व फकीरे की मड़ैया में हाल ही बने यमुना पुल से आसपास के लोगों की जिंदगी बदलने लगी है। आने-जाने में सहूलियत होने से जहां रिश्ते बनने लगे हैं वहीं तमाम लोगों को रोजगार के साधन भी मिलने लगे हैं।
गौरतलब है कि प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने 4 जुलाई पुल का लोकार्पण किया था। इससे करीब बीस किलो मीटर की दूरी कम हो गई है। गांववालों का कहना है कि पुल बनने से आसपास के जिलों में रहने वाले रिश्तेदार भी आने लगे हैं। पहले वह गांवों में आने से कतराते थे क्योंकि नदी पार करने का कोई साधन नहीं था।
यमुना में डोगी चलाकर जीवनयापन करने वाले हरी सिंह, छोटे सिंह, रामगोपाल, रामदास, सूरज पाल आदि का कहना है कि पुल बनने से उनका भले नुकसान हुआ है लेकिन खुशी इस बात की है कि अब हम लोग इटावा से आगरा जनपद में इधर से उधर आसानी से आ जा सकते हैं। रिश्तेदारों से मिल सकते हैं।
उन्होंने कहा कि हमें अन्य तरीके के रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। कुछ ने पुल के आसपास दुकानें भी कर ली हैं। बाउथ के यज्ञ दत्तपांडे कहते हैं कि यमुना पर पुल बनने से हम लोगों के लिए व्यवसाय करने का एक नया क्षेत्र भी मिल गया है। अब हम उस पार आगरा में भी जाकर काम कर सकते हैं।
फकीरे की मड़ैया के कालीचरण का कहना है कि बेटे-बेटियों की शादी में भी दिक्कत आती थी लेकिन अब रिश्ते भी आने लगे हैं। ग्राम खदिया के सियाराम यमुना नदी के पुल बनने से खुश हैं। उनका कहना है कि इस क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या अब हल हो गई है। अभी तक हम लोग एक सीमित क्षेत्र में घुटकर रह रहे थे। अब हमें दूसरी और आने जाने का मार्ग सुलभ हो गया है।