किडनी की बीमारी से लोग सचेत रहें इसलिए विश्व किडनी दिवस की शुरुआत की गई है। मार्च के दूसरे बृहस्पतिवार को विश्व गुर्दा दिवस मनाया जाता है।
इस बार यह 11 मार्च को है। इसका मकसद लोगों को शरीर के इस महत्वपूर्ण अंग के प्रति सचेत और जागरूक करना है। संतुलित दिनचर्या से गुर्दे (किडनी) की बीमारियों से बचा जा सकता है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनएस तोमर ने बताया कि गुर्दे हमारे शरीर में उत्पन्न हुए जहर को बाहर निकालकर खून की सफाई का काम करते हैं ।
आज रक्तचाप और शुगर की बीमारी बढ़ रही है। उससे गुर्दों के लिए भी परेशानी बढ़ गई है। यदि गुर्दो में दिक्कत होती है तो फिर शरीर के दूसरे अंग भी ठीक तरह से काम नहीं करते हैं ।
गुर्दे की बीमारी के लक्षण
1. पेशाब में खून आना
2. पेशाब में जलन होना और बार-बार आना
3. पैरों व आंखों में सूजन आना
4. शीघ्र थकान महसूस होना
5. ब्लड प्रेशर अनियंत्रित होना
6. पेशाब की मात्रा में कमी होना।
इस तरह हो सकती है जांच
गैर संचारी रोगों के नोडल अधिकारी डॉ. विनोद शर्मा का कहना है कि गुर्दे की बीमारी का शीघ्र पता चलने पर पूर्ण इलाज संभव है और बीमारी को बढ़ने से रोका जा सकता है।
इसलिए जरूरी है कि ब्लड प्रेशर व शुगर की नियमित जांच कराई जाए। खून की मात्रा और प्रोटीन की जांच के अलावा खून में यूरिया, किडनी की पथरी, रुकावट, व कैंसर की बीमारी की भी नियमित जांच कराएं। साथ ही पेशाब की मात्रा व धार की भी जांच जरूरी है।
ऐसे बचा जा सकता है किडनी की बीमारी से
1. नियमित व्यायाम करें
2. रोजाना तीन से चार लीटर पानी पीएं
3. धूम्रपान, शराब के सेवन और फास्ट फूड से बचें
4. खाने में नमक की मात्रा कम रखें
5. दर्द की गोलियों का अनावश्यक सेवन न करें
6. ब्लड प्रेशर व शुगर की नियमित जांच कराएं
7. 35 वर्ष की उम्र के बाद खून व पेशाब की जाँच अवश्य कराएं