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मिट्टी का टीला ढहने से मजदूर की मौत, तीन घायल

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फोटो संख्या 10 हादसा स्थल पर मिट्टी में फंसे मजदूर कमलेश को निकालने का प्रयास करते लोग - फोटो : ETAWHA
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फोटो संख्या:10, 11 काम करते मजदूर।
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मिट्टी का टीला ढहने से मजदूर की मौत, तीन घायल
- चंबल नदी स्थित स्वामी शरणानंद सेवा संस्थान की दीवार बनाते समय हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
उदी/इटावा। चंबल नदी के किनारे टीले पर बने स्वामी शरणानंद सेवा संस्थान के बाहरी हिस्से में दीवार बनाते समय शुक्रवार सुबह हादसा हो गया। अचानक टीले की मिट्टी ढह गई और उसमें तीन मजदूर दब गए, जबकि एक मिट्टी के ढहने से नीचे गिर गया। चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाले गए एक मजदूर की मौत हो गई। तीन घायल मजदूरों को जिला अस्पताल भेजा गया है। सदर तहसीलदार ने पीड़ित परिवार की आर्थिक मदद दिलाने का भरोसा दिया है। फिलहाल हादसे को लेकर कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है।
उदी गांव से करीब सौ मीटर दूर चंबल नदी के किनारे एक टीले पर स्वामी शरणानंद सेवा संस्थान की इमारत खड़ी है। नदी की ओर से टीले की मिट्टी का कटान रोकने के लिए करीब एक माह से कंक्रीट की दीवार बन रही है। संस्थान के मंत्री सेवानिवृत्त शिक्षक संत कुमार की देखरेख में पास के ही गांव अवारी के मजदूर काम कर रहे हैं। शुक्रवार को तीन सगे भाइयों कमलेश, भागीरथ उर्फ कुन्नू व गंभीर समेत पांच मजदूर काम पर लगे थे। इनमें दो मजदूर राकेश और गंभीर निर्माण स्थल पर ऊपर की ओर थे, जबकि कमलेश (30) पुत्र दीवारीलाल और संतोष (38) व भागीरथ पुत्रगण श्रीराम निर्माणाधीन दीवार के पास काम कर रहे थे। इनमें कंक्रीट की दीवार और टीले के बीच खाली जगह में सबसे नीचे खड़ा कमलेश ऊपर ईंटें फेंक रहा था। तभी सुबह साढ़े 9 बजे के आसपास अचानक टीले की मिट्टी का बड़ा हिस्सा ढह कर नीचे आ गया। कमलेश, संतोष और भागीरथ उर्फ कुन्नू तीनों उसमें दब गए। भागीरथ ने तत्काल कंक्रीट से बने खंभे के सरिया को पकड़कर बाहर की ओर छलांग लगा दी। संतोष को भी लोगों ने करीब आधा घंटे के बाद मिट्टी से बाहर निकाल लिया, लेकिन कमलेश नीचे फंसा रहा। सूचना पर पहुंचे बढ़पुरा थाना प्रभारी निरीक्षक जीवाराम, एएसआई नागेंद्र सिंह, उदी प्रधान आशु भदौरिया और अवारी ग्राम पंचायत सदस्य सर्वेश सिंह भदौरिया ने जेसीबी मंगाकर कमलेश को निकालने की कोशिश की। लेकिन चोट लगने के डर से फावड़ा से मिट्टी हटवाई गई जिसमें करीब चार घंटे लग गए। मरणासन्न हालत में कमलेश को पहले उदी पीएससी और जिला अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मिट्टी ढहने से नीचे गिरे गंभीर के भी चोटें आई है। संतोष, भागीरथ व गंभीर का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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हादसे की खबर मिलने पर सदर तहसीलदार एन राम भी मौके पर गए। उन्होंने कहा कि यह दैवी आपदा तो नहीं है। फिर भी पीड़ित परिवारों की आर्थिक मदद के प्रयास कर रहे हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक जीवाराम ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया है। अभी हादसे को लेकर कोई तहरीर नहीं मिली है। भाजपा जिलाध्यक्ष अजय धाकरे, विमल भदौरिया, जिला मंत्री राहुल राजपूत, संस्थान के अध्यक्ष अहिबरन सिंह, कोषाध्यक्ष रणवीर सिंह भी मौके पर मौजूद रहे।
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