यमुना नदी के अंदावा घाट पर तीन युवकों को डूबता देख वहां मौजूद महिलाओं ने लाज छोड़ अपनी साड़ी उतार कर पानी में फेंक दिया। इससे साड़ी के सहारे दो युवक को निकाल लिए गए, लेकिन तीसरे साड़ी नहीं पकड़ पाया और डूब गया। नदी में उतरे गोताखोर काफी देर तक उसकी तलाश करते रहे, लेकिन कहीं पता नहीं चला।
यमुना नदी के अंदावा घाट पर मंगलवार करीब 12 बजे ग्रामीण गाजे बाजे के साथ प्रतिमा विसर्जित करने पहुंचे। इस दौरान कुछ युवक बिना नाव के ही गहरे पानी में प्रतिमा विसर्जन करने लगे। इस दौरान मिलेंद (22) पुत्र राजतिलक प्रजापति, दीपू (22) उर्फ हरिश्चंद पुत्र राम बहादुर प्रजापति एवं विमल (21)पुत्र श्रीनिवास प्रजापति डूबने लगे। तीनों युवकों को डूबता देख वहां मौजूद गोताखोर कूद पड़े। लेकिन पानी का बहाव तेज होने की वजह से वे भी चक्कर खा गए। इस दौरान घाट पर मौजूद महिलाओं ने बहादुरी दिखाई। उन्होंने लोकलाज की परवाह किए बिना अपनी साड़ी उतार पर पानी में फेंक दी। एक के बाद एक महिला के साड़ी फेंकने से गोताखोर संभल गए। डूब रहे मिलेंद्र और दीपू ने साड़ी पकड़ लिया और गोताखोरों की मदद से बाहर निकल आए। जबकि विमल साड़ी नहीं पकड़ पाया। उसके डूबने पर 100 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दे दी। थानाध्यक्ष बकेवर भोलू सिंह भाटी एवं महेवा चौकी इंचार्ज सुनील गौतम फोर्स समेत मौके पर पहुंचे। इसी बीच सीओ भरथना शिवराज सिंह भी पहुंच गए। पुलिस ने गोताखोरों के जरिए नदी में जाल डलवाया। गोताखोरों ने नदी में जाकर विमल को खोजने का काफी प्रयास भी किया। लेकिन देर शाम तक उसे खोजा नहीं जा सका।