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Etawah News: कम लागत में अधिक मुनाफे वाली रागी उगाने में महिला किसान सम्मानित

Sun, 24 Dec 2023 12:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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इटावा/जसवंतनगर। कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली रागी (मंडुआ) की फसल का उत्पादन करने वाली जसवंतनगर क्षेत्र की महिला किसान को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सम्मानित किया। 2023 को अंतरराष्ट्रीय मिलेट्स (मोटा अनाज) ईयर घोषित किया गया है। कृषि विभाग ऐसी फसलों को बढ़ावा दे रहा है। विभाग के प्रोत्साहन के बाद महिला किसान ने रागी की फसल का उत्पादन करके पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया है।
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जसवंतनगर ब्लाक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मलाजनी के नगला भीखन निवासी प्रगतिशील किसान मंत्रवती शाक्य प्राकृतिक खेती करती है। वह बिना उर्वरक और रसायनिक खादों के प्रयोग से खेती करने के लिए विख्यात है। कृषि विभाग के सहयोग से फार्मिंग में प्रशिक्षण लेकर उन्होंने प्राकृतिक खेती की ओर रुझान किया।
उन्होंने बताया कि उन्हें उप कृषि निदेशक आरएन सिंह ने रागी की खेती करने की सलाह दी थी। श्रीअन्न महोत्सव योजना के तहत रागी का बीज, वर्मी खाद, कीटनाशी निशुल्क प्राप्त कराई गई। पांच बीघा भूमि पर रागी की फसल को काटकर बेच चुकी है। इसके लिए उन्हें किसान दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
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महिला किसान ने बताया कि रागी की खेती करने से खेती की लागत में भी कमी आई है। फसल का उत्पादन भी अच्छा होता है। वह अपने गांव व क्षेत्र के अन्य किसानों को रागी की खेती कर इसका लाभ लेने के लिए लगातार जागरूक कर रही है। जिला कृषि अधिकारी कुलदीप राणा बताते है कि कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाली यह फसल किसानों के लिए समृद्धि की राह बन रही है। इसके लिए कृषि विभाग भी प्रोत्साहित कर रहा है महिला किसान के इस कदम ने जिले के अन्य किसान भी इससे सीख ले सकते हैं।

पांच बीघा खेत में पैदा हुई 32 हजार की रागी

महिला किसान ने बताया कि पांच बीघा फसल में आठ क्विंटल रागी का उत्पादन हुआ था। इसे चार हजार प्रति क्विंटल के हिसाब से बेचा गया । इससे कुल 32 हजार रुपये की आमदनी हुई जबकि फसल की लागत सिर्फ पांच से छह हजार रुपये रही। समय-समय पर कृषि विभाग किसानों को जागरूक करता रहता है। इससे कोई भी किसान इन फसलों का उत्पादन करके लाभान्वित हो सकता है। कम पानी वाले खेतों में भी इसे उगाया जा सकता है।

गैस के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद रागी
उन्होंने बताया कि मोटा नाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजारा और चने आदि में रागी को मिलाकर माइग्रेन आटा बनाया जाता है। इसमें रेशे से भरपूर कैल्शियम, प्रोटीन, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल्स होते हैं। कैलोरी कम होती है। रागी नॉन एसिडिक है। यह गैस के मरीजों के लिए बेहद फायदेमंद है। इसकी खूबी है कि इसके सेवन के बाद पेट ज्यादा समय तक भरा रहता है। मोटापे के शिकार लोगों के लिए भी यह बेहद लाभदायक है।
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