बसरेहर कस्बे में स्थित एक झोला छाप डाक्टर के यहां इलाज कराने आई महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत पर परिजनों ने हंगामा किया। उनका आरोप था कि डाक्टर के गलत इंजेक्शन लगाने से मौत हुई है। हंगामे की सूचना पर पुलिस और सीएचसी बसरेहर के अधीक्षक मौके पर पहुंचे। उन्होंने डाक्टर से कागज मांगे लेकिन वह क्लीनिक के कागजात नहीं दिखा सका, जिसके चलते क्लीनिक को सीज कर दिया गया। मृतका के परिजनों ने थाने में प्रार्थना पत्र दिया है।
गांव नगला छती निवासी शहजादे की पुत्री बेबी (37) अपने पिता के पास रहती है। शनिवार को उसको बुखार आ गया। वह दवा लेने के लिए कस्बा स्थित परशुराम राठौर की क्लीनिक पर पहुंची। डाक्टर ने पहले उसको इंजेक्शन लगाया और बाद में ग्लूकोज चढ़ाने लगा, लेकिन उसकी हालत बिगड़ने लगी।
इसके बाद डाक्टर ने उसे एक और इंजेक्शन लगा दिया। थोड़ी देर में बेबी की मौत हो गई, इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस के साथ ही सीएचसी के अधीक्षक श्री निवास यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्लीनिक संचालक परशुराम से कागजात मांगे लेकिन वह कागजात नहीं दिख सके।
उन्होंने पुलिस के सहयोग से क्लीनिक को सीज कर दिया। चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि परशुराम को तीन दिन का समय दिया गया है कि वह अपने कागजात दिखाएं अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।