तीन दिन पूर्व किसानों ने किया था प्रदर्शन
अब गांव में बिजली न आने से परेशान हैं क्षेत्र के ग्रामीण
संवाद न्यूज़ एजेंसी
लवेदी। बहादुरपुर बिजली उपकेंद्र पर किसानों के प्रदर्शन के बाद बिजली निगम ने सिंचाई के लिए पीटीडब्ल्यू लाइन पर बिजली आपूर्ति बढ़ा दी है, लेकिन इसका असर अब ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली व्यवस्था पर पड़ने लगा है। ग्रामीणों का आरोप है कि किसानों को राहत देने के नाम पर गांवों में भारी कटौती शुरू कर दी गई है।
किसानों ने 19 मई को बहादुरपुर उपकेंद्र पर बिजली कटौती के विरोध में प्रदर्शन किया था। उस समय जेई नरदेव गौतम ने सिंचाई कार्य प्रभावित न हो इसके लिए पीटीडब्ल्यू लाइन पर प्रतिदिन करीब सात से नौ घंटे बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन किसानों को दिया था। इसके बाद ट्यूबवेलों को पहले से अपेक्षा ज्यादा बिजली दी जाने लगी है, लेकिन नवादा और बहादुरपुर ग्रामीण फीडर से अंधाधुंध बिजली कटौती शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में अब दिन में मात्र तीन घंटे और रात में पांच घंटे ही बिजली आ रही है। वहीं भी बार-बार ट्रिपिंग के कारण प्रभावित रहती है। सब स्टेशन पर तैनात बिजली कर्मी रितेश ने बताया कि रात के समय टकरूपुर बिजली सब स्टेशन से आने वाली लाइन को बंद कर दिया जाता है। विभागीय कर्मचारियों का कहना है कि 24 घंटे में करीब छह घंटे टकरूपुर स्टेशन से आपूर्ति बंद रहती है। इसके अलावा पीटीडब्ल्यू लाइन पर आपूर्ति बढ़ाए जाने से लाइनों पर लोड बढ़ गया है। ओवरलोड की स्थिति से बचने के लिए एक पीटीडब्ल्यू लाइन से जुड़े करीब 20 से 25 ट्यूबवेलों की बिजली प्रतिदिन रोस्टर के अनुसार काटी जा रही है। ग्रामीणों ने बिजली निगम से मांग की है कि ट्रांसफार्मर क्षमता बढ़ाकर ग्रामीण और कृषि दोनों क्षेत्रों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी एक क्षेत्र को राहत देने के लिए दूसरे क्षेत्र की आपूर्ति प्रभावित न हो।