नई मंडी स्थित कार्यालय में गेहूं खरीद का लेखा देखते लेखाधिकारी सुनील शर्मा
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इटावा। मंडी समिति ने इटावा व भरथना को पहली बात गेहूं खरीद का केंद्र बनाया था। इन केंद्रों पर 508 किसानों से 22541 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। यह स्थिति इन केंद्रों की समीक्षा करने के लिए पहुंची मंडी समिति के डिप्टी डायरेक्टर की टीम को समीक्षा में मिली है।
समीक्षा टीम के लेखाधिकारी सुनील शर्मा ने बताया इस साल मंडी समिति को गेहूं क्रय करने की जिम्मेदारी मिली थी। इटावा और भरथना मंडी को खरीद केंद्र बनाया गया था।
उन्हें सचिव अनिल कुमार ने बताया इटावा मंडी समिति के क्रय केंद्र पर 199 किसानों से 9071.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया। यहां किसानों को 1 करोड़ 79 लाख 16 हजार रुपये का भुगतान हुआ।
इटावा में एक किसान के नाम में कुछ गड़बड़ी के चलते उसे भुगतान में देरी हुई। इसी प्रकार भरथना मंडी में 309 किसानों से 13469.50 क्विंटल गेहूं खरीदा गया।
यहां किसानों को 2 करोड़ 66 लाख 2 हजार 262 रुपये 50 पैसे का भुगतान किया गया। समीक्षा टीम में मंडी समिति कानपुर से आए स्टेनो आदित्य वर्मा, अनुभाग अधिकारी शशि मिश्रा उपस्थित रहे।
ढाई से डेढ़ मंडी शुल्क होने पर आए हुई आधी
नई मंडी ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क मिलने के दौरान सालाना करीब साढ़े सात करोड़ रुपये मिलते थे, लेकिन डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क होने पर अब सालाना तीन करोड़ मिल रहे हैं। मंडी सचिव ने बताया पहले मंडी के बाहर की दुकानों से टैक्स वसूलते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है। साथ ही 43 सब्जियों और फलों को मंडी शुल्क से छूट मिली है।