आगरा लखनऊ ग्रीन एक्सप्रेस वे के निर्माण को देखते कंपनी के अधिकारी।
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मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट लखनऊ आगरा ग्रीन एक्सप्रेस वे का कार्य अंतिम चरण में है। नंवबर तक इस मार्ग पर वाहनों के फर्राटा भरने की उम्मीद है। इटावा कन्नौज जनपद में 1685 करोड़ की लागत से बन रहे 57 किलोमीटर एक्सप्रेस वे पर अब पुल और पुलियों का निर्माण जोरों पर है।
ग्रीन एक्सप्रेस वे में आगरा से लखनऊ तक 300 किलोमीटर की दूरी को पांच भागों में बांटकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। 1685 करोड़ की लागत से इटावा के मूंज गांव से कन्नौज के नरमऊ तक 57 किलोमीटर का निर्माण कार्य एनसीसी (नागार्जुना कंस्ट्रक्शन कंपनी) करा रही है। 57 किलोमीटर में इटावा का 16.7 किलोमीटर हिस्सा कंपनी के हिस्से में है। औरैया में 3.8 किलोमीटर और कन्नौज में 36.5 किलोमीटर मार्ग बनना है। इसमें करीब 50 किलोमीटर सड़क पर डामरीकरण हो चुका है।
सड़क के बीचों बीच पौधे भी रोप दिए गए हैं । इस मार्ग पर लखनऊ और दिल्ली जाने के लिए इटावा और कन्नौज के लोगों का विशेष ख्याल रखा गया है। दोनों जनपदों के यात्री सुगमता से इस मार्ग पर प्रवेश पा सकेंगे। इटावा मैनपुरी की सीमाओं के करीब से गुजर रहे इस मार्ग पर इटावा बरेली हाईवे पर चौपुला कस्बे के समीप इस मार्ग पर जंक्शन बनाया जा रहा है। जहां एक गोल चक्कर की मदद से यात्री इस मार्ग पर प्रवेश और निकासी दोनों कर सकेंगे। जबकि कनौज जनपद के तालग्राम में इसी मार्ग पर स्लिप रोड बनाया जा रहा है ।
जहां से यात्रियों के चढ़ने और उतरने का रास्ता दिया जा रहा है। कंपनी के डिप्टी जनरल मैनेजर नीरज कुमार, आर. राजू और सीनियर इंजीनियर दीपक ने बताया चालीस टन की क्षमता के वाहनों के अनुरूप इस मार्ग को तैयार किया जा रहा है। पूरे मार्ग पर डामरीकरण होगा। 57 किलोमीटर की दूरी में दो मेजर ब्रिज भी बनाए जा रहे हैं। जिसमें एक गंगा कैनाल और दूसरा ईशान नदी से गुजरेगा। जबकि 70 से अधिक छोटे-बड़े अंडर पास बनाए जा रहे हैं। जहां से लिंक व बड़े मार्गों के वाहन पास हो सकेंगे।