इटावा। जिले में 25 और 26 सितंबर को लगभग 108 मिमी बारिश हुई। दोनों दिन आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में खेतों से लेकर गांवों के रास्तों तक पानी और कीचड़ की स्थिति रही। ऐसे मौसम में सामान्य निर्माण कार्यों की रफ्तार प्रभावित होना स्वाभाविक है, लेकिन वीबी जी राम जी योजना के ऑनलाइन रिकॉर्ड में इन दो दिनों में करीब 2652 मजदूरों की हाजिरी दर्ज दिखाई दे रही है। पोर्टल पर इंटरलॉकिंग, चकरोड, मेड़बंदी और मिट्टी से जुड़े काम भी सक्रिय नजर आ रहे हैं।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जी राम जी) योजना के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में नाला सफाई, मेड़बंदी से लेकर सड़कों के निर्माण सहित कई कार्य करवाए जाते हैं। इसके तहत काम करने के साथ ही श्रमिकों की हाजिरी भी ऑनलाइन लगाई जाती है। मौसम विभाग के अनुसार 25 और 26 सितंबर को जिले में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। जिसे देखते हुए 26 सितंबर को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया था दिनभर बारिश होती है, घरों से लोगों का निकलना नहीं हो सका लेकिन जिले में वीबी जी राम जी (पूर्व नाम मनरेगा) में मिट्टी से जुड़े काम होते रहे।
दिलचस्प बात रही कि 25 सितंबर को जिले में 150 काम कराए गए, जिसमें 2184 श्रमिकों ने काम किया। वहीं 26 सितंबर को 32 काम पोर्टल पर दिखाए गए और इसमें 468 श्रमिकों ने काम किया। संवाद न्यूज एजेंसी की ओर से जब इन कामों की पड़ताल की गई तो हकीकत कुछ और ही सामने आई। कई जगह काम पहले ही समाप्त हो चुका था उसे 25 और 26 सितंबर को निर्माणाधीन दिखाया, तो कहीं कोई काम ही नहीं नजर आया।
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10 दिन पहले हो चुका था काम
केस-एक
चकरनगर। 25 और 26 सितंबर को पोर्टल पर चकरनगर ब्लॉक के ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक इंटरलॉकिंग कार्य दिखाया गया। इसमें पहले दिन छह व दूसरे दिन तीन श्रमिकों को मिलाकर दो दिन में कुल नौ श्रमिकों ने काम किया। सोमवार को पड़ताल के दौरान उक्त स्थान पर सड़क का निर्माण लगभग 10 दिन पहले ही हो चुका था। मौके पर कोई निर्माण कार्य होता हुआ नजर नहीं आया। स्थानीय लोगों ने बताया कि उक्त सड़क का निर्माण तो 10 दिन पहले ही हो गया था 25 और 26 सितंबर को यहां कुछ नहीं कराया गया। (संवाद)
23 सितंबर को हुआ अंतिम बार काम
केस-दो
बसरेहर। 25-26 सितंबर को पोर्टल पर बसरेहर ब्लॉक की ग्राम पंचायत अयारा लुहिया में शंकरपुर में नहर से लेकर सबदेश के घर तक कंक्रीट सड़क का निर्माण होना दिखाया गया है। दोनों दिनों में इस पर कुल तीन श्रमिकों ने काम किया है। पड़ताल के दौरान यह सड़क निर्माणाधीन नजर आई। स्थानीय लोगों का कहना था कि यहां 23 सितंबर को अंतिम बार काम हुआ था। उसके बाद बंद रहा। सोमवार को फिर से काम शुरू कराया गया है। 25 और 26 सितंबर को यहां कोई काम ही नहीं हुआ। (संवाद)
तेज बारिश में मिट्टी का काम होना संभव नहीं
केस-तीन
उदी। 25 सितंबर को बढ़पुरा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेला में मायावती के खेत से जगदीश के खेत तक चकरोड का निर्माण का काम पोर्टल पर दिखाया गया है। इसमें आठ श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई है। पड़ताल के दौरान यहां बना चकरोड काफी दिन पहले का बना हुआ नजर आया। स्थानीय संजय ने बताया कि 24 सितंबर के बाद यहां कोई काम नहीं कराया गया। 25 और 26 को तेज बारिश के कारण मिट्टी का काम होना संभव ही नहीं है। इसमें धांधली की गई है, जांच होनी चाहिए। (संवाद)
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25 और 26 को तहसीलवार बारिश के आंकड़े (मिमी में)
तहसील का नाम 25 व 26 को बारिश 26-27 को बारिश
इटावा 78 30
भरथना 58 38
चकरनगर 60 20
ताखा 94 54
सैफई 58 25
जसवंतनगर 11 04
25 व 26 को इतने श्रमिकों ने किया काम
ब्लॉक 25 सितंबर 26 सितंबर
बढ़पुरा 360 09
बसरेहर 337 35
भरथना 208 24
चकरनगर 652 10
जसवंतनगर 306 18
महेवा 60
सैफई 230 10
ताखा 31 49
मामले की जानकारी नहीं है, अगर बारिश के दौरान काम करवाये गए है और उनकी हाजिरी पोर्टल पर दर्ज की गई है तो इसकी जांच करवाई जाएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राकेश प्रसाद, डीडीओ
फोटो 17::चकरनगर की ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक बनी इंटरलॉकिंग स
फोटो 17::चकरनगर की ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक बनी इंटरलॉकिंग स
फोटो 17::चकरनगर की ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक बनी इंटरलॉकिंग स
फोटो 17::चकरनगर की ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक बनी इंटरलॉकिंग स
फोटो 17::चकरनगर की ग्राम पंचायत कुंदौल में श्रीपत के घर से विशुन सिंह के घर तक बनी इंटरलॉकिंग स