सूरज की तपिश लगातार रौंद्र रूप दिखाती जा रही है। पारा 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। इससे घर से बाहर निकलो तो जैसे लग रहा है कि आग बरस रही है। आदमी ही नहीं पशु और पक्षी भी बेतहाशा गर्मी से बेहाल हैं।
दिन पर दिन गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं। वैसे तो तीन चार दिन से भीषण गर्मी पड़ रही है लेकिन रविवार को तो आसमान से आग बरसती महसूस हुई। दोपहर में सड़कों पर कर्फ्यू जैसा सन्नाटा दिखा।
दोपहर में बहुत ही जरूरी काम से ही लोग घर से निकल रहे हैं। गर्मी बढ़ने से रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर पानी के पाउच बेचने वालों की भी चांदी हो गई है।
शनिवार की शाम को हल्की सी आंधी आने के बाद थोड़ा सा मौसम बदला था। शनिवार को तो सुबह से ही सूरज ने अपनी तपन बिखेर दी। रविवार होने के बाद भी लोग खरीदारी तक के लिए बाहर नहीं निकले। दोपहर में शहर की सभी बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानदार खाली बैठकर ग्राहकों का इंतजार करते रहे।
रिम्स के निदेशक डा. ब्रिगेडियर टी प्रभाकर ने कहा कि लोगों को ज्यादातर सूती और हल्के रंग वाले ही कपड़े पहनने चाहिए। बाहर निकलते वक्त खूब पानी पीकर निकलना चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी में दूध का बना सामान बहुत जल्दी खराब होता है। इसके अलावा सलाद बनाकर बाहर रखने से उस पर मक्खी बैठती हैं।
इसके सेवन तबीयत खराब हो जाती है। एसी से एकदम बाहर भी नहीं निकला चाहिए। एसी से निकलने के बाद ऐसी जगह खड़े होकर टेंप्रेचर नार्मल करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मौसम में ज्यादा दूर तक बाइक से नहीं जाना चाहिए। इससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।
ताखा व ऊसराहार में आंधी ने मचाई तबाही
ऊसराहार(इटावा) शनिवार की दोपहर को आई तेज आंधी ने ताखा तथा ऊसरार क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। सैकड़ों की संख्या में पेड़ टूटने से रास्ते अवरुद्ध हैं।
बिजली के 40 से अधिक पोल टूट जाने से पिछले 24 घंटे से बिजली गुल है। भीषण गर्मी के कारण ग्रामीण तथा दो दर्जन से अधिक गांवो में आपूर्ति नहीं मिल रही है। भीषण गर्मी के मौसम में बिजली न आने से ग्रामीण क्षेत्र में हाहाकार मचा हुआ है। आंधी से ऊसराहार तथा ताखा क्षेत्र की बिजली व्यवस्था बुरी तरह से लड़खड़ा गई है।
भरथना से आने वाली 33 केवीए की लाइन के तीन पोल क्षतिग्रस्त हो जाने से तीन सब स्टेशनों ऊसराहार, ताखा, बेलाहार को बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में 40 से अधिक पोल टूटने की सूचना है।
नगला खलक, पालन अड्डा, ऊसराहार, सरसईनावर, ताखा, हविलिया, हिरयानी, हकीकतपुरा आदि सहित तीन दर्जन से अधिक गांवों में पिछल 42 घंटों से बत्ती गुल है। गर्मी में लोग परेशान हैं।
अवर अभियंता गिरिजाशंकर वर्मा ने बताया कि बिजली व्यवस्था बहाल करने में 24 घंटे से भी अधिक का समय लगने की संभावना है। उधर ऊसराहार-भरथना मार्ग पर एक ईदगाह का हिस्सा भी ढह गया है।