मथुरा से शुरू हुई बाबा जय गुरुदेव शाकाहार-सदाचार यात्रा बुधवार को जिले में पहुंची। इस यात्रा कई जगह स्वागत हुआ। उनके अनुयायी बाबा जयगुरुदेव के चित्र का दर्शन करते हुए यात्रा की अगुवाई कर रहे जय गुरुदेव के उत्तराधिकारी पंकज महाराज का आशीर्वाद लेते रहे।
जिले में प्रवेश करने पर इस यात्रा का सबसे पहले जसवंतनगर में स्वागत हुआ। विभिन्न प्रांतों से आए श्रद्धालुओं ने पंकज महाराज की आरती उतारकर कर पुष्प वर्षा की। यहां से यात्रा का काफिला शहर की ओर बढ़ा। इस काफिले में सैकड़ों वाहन शामिल रहे।
इसमें सवार बाबा के अनुयायी से शाकाहार सदाचार बने रहने आह्वान करते रहे। करीब पांच किमी लंबे काफिले ने जब शहर में प्रवेश किया तो खुली गाड़ी के ऊपर सवार पंकज महाराज आसपास मौजूद लोगों को आशीर्वाद देते रहे।
शहर में यह यात्रा कुनैरा, पचावली रोड, विजय नगर चौराहा से गुरु तेग बहादुर सिंह ओवरब्रिज होकर शास्त्री चौराहा, पक्का बाग चौराहा, पुलिस लाइन चौराहा, सेंट मेरी कालेज होती हुई अंडरब्रिज से हाईवे पर पहुंच गई।
यहां से भरथना, बकेवर चौराहा, महेवा, अहेरीपुर, निवाड़ीकला, गुलाबपुरा, कुशगवां होते हुए आयोजन स्थल खितौरा पहुंची। खितौरा में बिहार, उड़ीसा, पंजाब, केरल, उत्तराखंड आदि कई प्रांतों और कनाडा व फ्रांस से आए बाबा जयगुरुदेव के अनुयायियों ने इस यात्रा का स्वागत किया।
यहां बाबा के पैतृक गांव खितौरा में तीन दिवसीय विलक्षण होली सत्संग मेले का आयोजन होगा। इस दौरान चरन सिंह, राजेंद्र भसीन, चंद्रमोहन सिंह, कृपा शंकर यादव, मनुभाई डी पटेल, डॉ. रामकृष्ण दद्दू, विनय कुमार सिंह, डॉ. करुणा शंकर मिश्रा, संतराम चौधरी, मृत्युजंय झा आदि मौजूद रहे।
जयगुरुदेव साधारण मानव नहीं थे: पंकज महाराज
शाकाहार सदाचार जन जागरण शोभायात्रा का नेतृत्व कर रहे पंकज महाराज ने पत्रकार वार्ता में कहा कि जयगुरुदेव ने 116 वर्ष जीवित रहकर जिस अच्छे समाज का निर्माण किया है वे उसी को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जयगुरुदेव कोई साधारण मानव नहीं थे।
साधारण व्यक्ति इतने वर्षों तक जीवित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि खितौरा तीन दिवसीय विलक्षण होली सत्संग मेेले के माध्यम से वह समाज को यह संदेश देना चाहते हैं कि शाकाहार के बल पर ही एक अच्छे समाज का निर्माण हो सकता है।
एक सवाल के जवाब में कहा कि हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई कोई भी धर्म हो, लेकिन कोई किसी को मारना नहीं सिखाता। बेजुबान जानवरों को भी जीने का हक है। उन्हें जीवित रहने दीजिए। अपने आप शाकाहार समाज का निर्माण हो जाएगा।