आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने हौसला पोषण योजना को लेकर विभागीय अधिकारियों पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। बुधवार को कार्यकत्रियों ने बैठक कर कहा कि उन्हें हौसला योजना की धनराशि अब तक नहीं मिली है। विभागीय अधिकारी गर्भवती महिलाओं एवं अति कुपोषित बच्चों को भोजन व फल आदि वितरित करने का दबाव बना रहे हैं। कार्यकत्रियों ने कहा कि जिले में योजना को आधी अधूरी तैयारी के बीच लागू किया गया है। इसके विरोध में 21 जुलाई को केंद्र बंद कर सहायिकाओं के साथ जिला मुख्यालय पर धरना देंगी। जब तक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव उनकी समस्याओं को संज्ञान में नहीं लेंगे, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पर बैठक की। यहां हौसला पोषण योजना को लेकर चर्चा की गई। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने कहा कि इस योजना को संचालित करने का विभागीय स्तर पर दबाव बनाया जा रहा है। सरकार कार्यकत्रियों की उपेक्षा करने में लगी है। मार्च के महीने से कार्यकत्रियों को मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। हौसला योजना को लागू करने का फरमान जारी कर दिया गया।
ग्राम प्रधानों को इस योजना में शामिल किया गया है। प्रधान उनकी बात की अनसुनी कर देते हैं। कार्यकत्रियों ने कहा कि योजना भले ही कल्याणकारी है लेकिन जिले में इसे अधूरी तैयारियों के बीच लागू किया गया। कार्यकत्रियां मानदेय भुगतान न होने से परेशान हैं। तीन हजार रुपये मासिक मानदेय से ही परिवार की गुजर होती है। यह मानदेय भी समय से नहीं मिलता। इसकी अनदेखी कर हौसला योजना को क्रियान्वित करने का दबाव डाला जा रहा है।
बैठक में कार्यकत्रियों ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में कम से कम 20 गर्भवती महिलाएं हैं। उनके भोजन के लिए धन कहां से आएगा, इसे बताने वाला कोई नहीं है। विभागीय अधिकारियों के दबाव से मानसिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
इस दौरान कार्यकत्री एसोसिएशन के संयोजक चंद्रशेखर शुक्ला, संरक्षक कृष्ण गोपाल यादव, ब्लाक प्रतिनिधि कुमकुम श्रीवास्तव, मिथलेश यादव बसरेहर, कृष्णा यादव, कल्पना यादव जसवंतनगर, सुशीला, मनोज यादव सैफई, वंदना, शिव कुमारी, सीमा यादव ताखा, भारती श्रीवास्तव, उर्मिला, प्रतिभा दुबे, नीलम, सुनीता दोहरे, माया देवी, सुमन देवी, संध्या, आदर्श चकरनगर, रेखा, सुधा, अनीता, संगीता आदि मौजूद रहे।