ग्राम पंचायत स्तर पर जनसेवा केंद्रों की सुविधा देने के बाद अब सरकार ने एटीएम लगाने का मन बनाया है। रुपये निकालने वाली यह मशीनें पांच हजार से अधिक आबादी वाले ग्राम पंचायतों में लगेंगी। एटीएम लगाने के लिए पंचायत राज विभाग से रिपोर्ट मांगी गई है।
गांव के लोगों को छोटे छोटे कामों के लिए शहर का रुख न करना पड़े। इसके लिए सरकार ग्रामीण स्तर पर सुविधाएं देने के लिए प्रयासरत है। इसी के तहत जनसेवा केंद्र स्थापित किए गए। जिससे आय, जाति आदि प्रमाण पत्रों के लिए अब शहर आने की जरूरत नहीं है। अब सरकार एटीएम लगाने पर विचार कर रही है। यह मशीनें फिलहाल उन ग्राम पंचायतों में लगाई जाएंगी। जिनकी आबादी पांच हजार से अधिक है।
जिले में इतनी आबादी की कुल 32 ग्राम पंचायतें हैं। यह एटीएम या तो पंचायत भवन या फिर पांच किमी एरिया में पंचायत के गोलाकार क्षेत्र में लगाए जाएंगे। इसके लिए शासन के निर्देश पर पंचायत राज निदेशालय ने डीपीआरओ कार्यालय से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है कि संबंधित ग्राम पंचायतों में प्रयोग योग्य पंचायत भवन है या नहीं। पंचायत भवन में भारत नेट की सुविधा उपलब्ध है या नहीं है। इसी तरह बिजली, सुरक्षा व्यवस्था और पूर्व में स्थापित एटीएम की रिपोर्ट मांगी गई है।
आबादी के लिहाज से चिंहित ग्राम पंचायतें
पांच हजार से अधिक आबादी की ग्राम पंचायतों में बढ़पुरा ब्लॉक की प्रतापनेर, कामेत, सितौरा, ताखा की ताखा, कुदरैल, सरसईनावर, समथर, मामन हिम्मतपुर, बसरेहर की बसरेहर, बरालोकपुर, सरसईहेलू, मूंज, चकरनगर की चकरनगर, जसवंतनगर की धरवार, जसोहन, मलाजनी, धनुआ, कैस्त, जगसौरा, खेड़ा बुजुर्ग, भरथना की बिरारी, भरथना देहात, पालीखुर्द, सिंहुआ, रीतौर, रमायन, कुंअरा सूजीपुर, सैफई की सैफई, हरदोई, महेवा की बहादुरपुर घार, अहेरीपुर, निवाड़ीकला आदि शामिल हैं।
पंचायत राज निदेशालय स्तर से मांगी गई रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। कुछ ग्राम पंचायतों में पहले से एटीएम स्थापित हैं। फिलहाल इस योजना को लेकर पांच अगस्त को डीएम की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक होगी। उसमें इस योजना पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
-एमएल यादव, डीपीआरओ, इटावा