फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मृतक ले रहे ‘डकार’, पात्राें में हाहाकार

Sun, 31 Jul 2016 11:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इटावा
विज्ञापन
राशन से वंचित बनी हरदू के पात्र लाभार्थी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
ताखा क्षेत्र के बनी हरदू गांव में राशन डीलर पिछले दस वर्षों से मृतकों के नाम पर राशन हड़प इसे अपात्रों में बांट रहा है। राशन डीलर की सूची में तमाम लाभार्थियों के नाम पात्र गृहस्थी और अंत्योदय सूची में शामिल हैं। लेकिन ये राशन से वंचित हैं। पूरे मामले की शिकायत ग्राम प्रधान ने डीएसओ से की है। उन्होंने जांच में इसकी पुष्टि होने की बात कही है।  
विज्ञापन

बनी हरदू ग्राम पंचायत के राशन डीलर गौरव यादव दस वर्षों से मृतकों के नाम से राशन डकार रहा है।

लाखों का राशन हड़प सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाया जा रहा है। मामले में कई बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं हुई। अब ग्राम प्रधान रिंकी देवी और उनके पति ने पूरे मामले की शिकायत जिला पूर्ति निरीक्षक से की है। लेकिन अभी भी पात्र राशन पाने के लिए डीलर के चक्कर काट रहे हैं। ग्राम प्रधान पति सुरेंद्र यादव ने पूरे मामले का खुलासा किया तो डीलर की पोल खुलकर सामने आई।

पात्र गृहस्थी की सूची में कार्ड संख्या 216140141618 पर लक्ष्मी देवी पत्नी बनवारी लाल निवासी बनी हरदू का नाम दर्ज है। जबकि दोनों लोगों की मौत 12 वर्ष पहले हो चुकी है। वहीं 216140141621 पर सोरन श्री पत्नी मोहब्बत सिंह निवासी टोडरपुरा का नाम दर्ज है। इनकी मौत भी दस वर्ष पहले हो चुकी है। दोनों मामलों में मृतकों का नाम सूची में शामिल कर राशन उठाया जा रहा है।
विज्ञापन


इसी तरह 216140141615 पर शरवती देवी पत्नी जसवंत सिह निवासी बनी हरदू का नाम है। जबकि दोनों ही पात्रों की मौत बहुत साल पहले दिल्ली में हो चुकी है। उनका परिवार भी दिल्ली में है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर इन मृतकों के नाम से राशन कैसे उठाया रहा है। डीलर इस महत्वाकांक्षी योजना में छेद कर रहा है।

सुरेंद्र यादव ने जब पात्र गृहस्थी और अंत्योदय की सूची दिखाई तो ये खुलासा हुआ कि एक नाम से दो जगह आने वाले राशन पर सरकार को चूना लगाया जा रहा है। एक कार्ड का राशन तो लाभार्थी को मिल रहा है, दूसरे कार्ड पर डीलर राशन हड़प रहे हैं। 216120133564 पर जलदेवी पत्नी उजयारे लाल का नाम दर्ज है। ये क्रमांक दोनों सूचियों में है। जबकि जल देवी की मौत हो चुकी है लेकिन राशन दो सूचियों से लिया जा रहा है।

लखचेतनानंद पुत्र बच्चन लाल का पात्र गृहस्थी और अंत्योदय सूची में 216120133675 पर नाम दर्ज है। दोनों सूचियों पर इन्हें भी राशन आवंटित होता है। जबकि इनकी मौत दो वर्ष पहले हो चुकी है। ये नाम तो मात्र उदाहरण के लिए हैं। ऐसे ही न जाने कितने अपात्रों के राशन और तेल के नाम पर खेल किया जा रहा है।

राशन डीलर की सूची में रिटायर्ड कर्नल भारत सिंह की पत्नी राज कुमारी को पात्र गृहस्थी में राशन दिया जा रहा है। जबकि ये वर्षों से बरालोकपुर में रह रहे हैं। वही बनी हरदू निवासी कैंसर पीड़ित बलवीर सिंह दो बीघा जमीन के सहारे गुजर कर रहे हैं। उनका इलाज पीजीआई लखनऊ में फ्री हो रहा है। इनका परिवार राशन के लिए भटक रहा है लेकिन इन्हें डीलर ने अपात्र घोषित कर दिया है। इसी गांव की विधवा रामबेटी को भी राशन नहीं मिल रहा है। वहीं राधादेवी, सुमन देवी, सोनी देवी, कमला देवी, प्रेमलता गोपश्री सहित जाने कितने ऐसे लाभार्थी हैं जिनका सूची में नाम होने के बाद भी डीलर उन्हें राशन नहीं दे रहा है

ग्राम प्रधान रिंकी देवी और उनके पति सुरेंद्र यादव ने बताया बनी हरदू के राशन डीलर के पास लगभग 350 कार्ड हैं, जिसमें सौ से अधिक नाम फर्जी चल रहे हैं।  उन्होंने पात्रों की सूची डीएसओ सत्यवीर सिंह को उपलब्ध कराकर नाम जोड़ने की अपील की है। इसके बाद भी नाम नहीं जोड़े गए।
विज्ञापन


शिकायत मिली है। जांच में नाम गलत पाए गए हैं, जिन्हें दुरस्त करने का काम हो रहा है।
सत्यवीर सिंह, जिला पूर्ति निरीक्षक 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें