शौचालय निर्माण के नाम पर मजाक हो रहा है। किसी ग्रामीण को दो बोरी सीमेंट थमा दिया गया तो किसी के घर के सामने सिर्फ गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया। इस आधे अधूरे काम से खफा ग्राम पंचायत ताखा के ग्रामीणों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्व विधायक महेंद्र सिंह यादव ने जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल को मामले से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि ताखा गांव में शौचालय के नाम पर ग्रामीणों को ठगा गया है। तत्कालीन ग्राम प्रधान ने चुनाव के दौरान ग्रामीणों को शौचालय का लालच दिया।
ग्रामीणों के मकान के सामने केवल गड्ढा खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने जिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं, ग्रामीण संजीव कठेरिया का कहना है कि उसे शौचालय बनाने के लिए दो बोरी सीमेंट बारह बोरी मौरंग और घटिया दर्जे की 600 ईटे दे दी गई हैं।
आवास के लिए बारह हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान है। मुलायम कठेरिया के मकान के सामने केवल गड्ढा खोदकर डाल दिया गया है ,जबकि हंसराज शाक्य ने बताया उनसे शौचालय के नाम पर दो हजार के बदले बारह हजार रुपये की चेक देने का वादा किया गया है। इसी तरह से शौचालय के नाम पर ग्रामीणों के साथ छल किया गया है।
उधर, इस संबंध में उपजिलाधिकारी ताखा दिनेश सिंह ने बताया शौचालय के आवंटन में यदि गड़बड़ी की गई है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।