यानी रसूले पाक के जैसा कोई नहीं। पैगम्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद सल्लाहु
अलै. साहब की यौमे पैदाइश की जश्ने ईद मीलादुन्नबी सल्लाहु अलैयहिवसल्लम
बडे़ ही अदब और एहतराम और शानो शौकत के साथ मनाई गई। जुलूस-ए-मोहम्मदी उलमा
ऐ किराम, मस्जिदों के पेश इमाम हजरात आदि की देखरेख में उठाया गया।
कुरान पाक की तिलावत हाफिज कफील ने की और जुलूस को हरी झंडी मौलाना उबेदुर रेहमान खान कादरी ने दी। दारुल उलूम के प्रबंधक कारी सरफराज आलम निजामी अपनी तकरीर में कहा के अल्लाह ताला ने अपने महबूब सल्लाहु अलैयहिवसल्लम को दुनिया में रहमत बना कर भेजा। मेरे आका किसी एक के लिए नहीं बल्कि सारी दुनिया के लोगों के लिए रहमत हैं।
जुलूस का शहर में जगह जगह स्वागत किया गया। किसी ने अपने घरों की छतों में से फूलों की वर्षा की तो किसी ने मौलानाओं आदि की गुलपोशी कर स्वागत किया। जुलूस नई बस्ती आजाद नगर से कटरा शमशेर खां कटरा साहब खां उर्दू मोहल्ला नौरंगाबाद नया शहर चौराहा सराय शेख तहसील चौराहा शाहगंज पछराहा मिश्री टोला कोतवाली चौराहा रामगंज से अपने मकाम आजाद नगर पर सलातो सलाम और दुआ के बाद समाप्त हुआ।
जुलूस में मौलाना वाजिद अली, हाफिज हारुन रशीद, हाफिज हारुन, हाफिज दिलवर, फुरकान अहमद, हाफिज अनवर , हाजी अजीम , हाजी इरफान कुरैशी हाफिज नईम हाफिज तौसीफ, मोहम्मद तारिक, मैराज अली खान एड मुमताज चौधरी , कुवर रफत अली खान, छोटे कुरैशी, मो. सलीम, रुमी भाई, गुड्डू मंसूरी सरफराज खान आदि लोग मौजूद रहे।