फ सीडीओ को हटाने और निलंबित कर्मचारियों की सवेतन बहाली की मांग को लेकर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शनिवार को भी विकास भवन में धरने पर बैठे। ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों ने ऐलान किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती हड़ताल जारी रहेगी।
विकास खंड महेवा के प्रवीण कुमार ने कहा कि ग्राम पंचायतों में धनराशि न होने के बाद भी उन्हें कार्य कराने पर मजबूर किया जाता है। धमकाया जाता है कि अगर काम नहीं होगा तो पूरे पांच साल में कराए गए विकास कार्यों की जांच करा दी जाएगी। इस तरह से उनका सामाजिक और शारीरिक शोषण किया जाता है।
मिनिस्टीरियल संगठन लोक निर्माण विभाग के अध्यक्ष राजेश तिवारी ने कहा कि उनका संगठन ग्राम पंचायत विकास अधिकारियों के साथ है।
कृषि प्राविधिक सहायक एसो. के अध्यक्ष राजेश मिश्रा, अधीनस्थ कृषि सेवा संघ के अध्यक्ष अरविंद सिंह गौर, शिक्षा विभाग के पवन श्रीवास्तव, अशोक दुबे, लेखपाल संघ के अध्यक्ष राजेश यादव, विमल पाठक, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिला अध्यक्ष दिलीप मिश्र ने धरना स्थल पर जाकर हड़ताल के प्रति समर्थन व्यक्त किया।
धरने में शामिल होने वालों में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष प्रशांत पोरवाल, पूरन सिंह, अतुल कुमार, बब्बूराजा, शिवम आदि शामिल हैं।