फप्रदेश सरकार की नीतियों से सहकारिता विभाग पर खतरा मंडरा रहा है। पूर्वांचल की 25 बैंकें खतरे में हैं। बैंक के चुने हुए लोगों व संचालक मंडल को पूरे अधिकार नहीं दिए जा रहे हैं। यह आरोप जिला सहकारी बैंक के सभापति एवं विधायक शिवपाल सिंह यादव ने लगाए।
वह शनिवार को सूत मिल आवासीय परिसर के पास जिला सहकारी बैंक के मुख्यालय भवन का फीता काटकर शुभारंभ करने के बाद आयोजित सभा में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की प्रगति कैसी है, इसका अंदाजा इसी से लग जाता है कि जिस बैंक को साल भर में तैयार हो जाना था, उसमें चार साल लग गए। यह भी उनके काफी प्रयास के बाद संभव हो सका। बताया 6 अगस्त 2016 को उन्होंने बैंक का शिलान्यास किया था और मार्च 2017 में सरकार बदल गई।
उन्होंने नोटबंदी, जीएसटी तथा गिरती जीडीपी पर भी भाजपा सरकार पर हमला बोला। कहा कि सरकार ने जितने भी कानून पास किए उससे कुछ बड़े पूंजीपतियों को फायदा मिला। सरकार के फैसलों से किसान तो दुखी है। साथ ही व्यापारी, उद्योग धंधे पर भी असर पड़ा है।
कोरोना काल में सरकार के गलत निर्णय लेने की वजह से सब कुछ ठप हो गया। इसका परिणाम गरीब जनता खासकर मजदूरों को भुगतना पड़ा। उन्हें पैदल चलना पड़ा। कई की मौत तक हो गई।
सचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि बैंक जो जहां चल रही हैं, वे चलती रहेगी। इससे पूर्व उन्होंने पत्नी संग हवन किया। कार्यक्रम में डीजीएम दीपक गुप्ता, उपाध्यक्ष विश्वनाथ सेंगर, पूर्व सांसद रघुराज सिंह शाक्य, सीनियर मैनेजर सुनील यादव, राजीव त्रिपाठी, दिलीप सिंह, देवेंद्र कुमार, सुभाष यादव, रोहित चौहान, अखिलेश चतुर्वेदी,आलोक कुमार, प्रसपा जिलाध्यक्ष सुनील यादव, आलोक दीक्षित, हरिओम यादव आदि उपस्थित रहे। संचालन योगिता चौहान ने किया।