चुनाव जीतने के बाद से जिले की जनता से दूरी बनाने वाले भाजपा सांसद अशोक दोहरे के रवैए को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने नाराजगी जताई है। परिषद के प्रांतीय उपाध्यक्ष श्रीकृष्ण वर्मा ने अपने एक बयान में कहा कि सांसद चुनाव के बाद से जनता से दूरी बनाए हुए हैं जिससे लोगों में नाराजगी पनप रही है।
अपने प्रेस बयान में वर्मा ने कहा कि किसी भी जनप्रतिनिधि से मतदाता को यह आशा रहती है कि वह जनता के बीच रहकर जन समस्याओं का निस्तारण करे। क्षेत्रीय मुद्दों पर जनता की आवाज सदन तक पहुंचाए और लगातार जनता के मध्य अपनी उपस्थिति दर्ज कराए।
सांसद अशोक दोहरे चुनाव के बाद से लगातार जनता से दूरी बनाए हुए हैं। उनसे मिलने जुलने के लिए नगर में कोई निश्चित स्थान भी नहीं है। जहां पहुंचकर लोग अपनी समस्याओं को उन तक पहुंचा सकें। यही वजह है कि जन असंतोष नजर आ रहा है।
सांसद भले ही संगठन की रीति नीति से परिचित नहीं हैं, लेकिन उनका कर्तव्य है कि जिस जनता ने उन्हें जिताकर सदन में भेजा है, उस जनता की समस्याओं व क्षेत्रीय मुद्दों को सुनकर उनका निस्तारण करें। जहां कठिनाई सामने आए वहां संगठन के कार्यकर्ताओं व नेताओं से मिलने जुलने का क्रम बनाएं।
श्री वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही पूंजी होती है। जिसका कर्ज उतारना जनप्रतिनिधि का दायित्व होता है। जबकि सांसद ने आम चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद अब तक इस ओर न ही कोई ध्यान दिया है और न ही कार्यकर्ताओं व जनता से मिलने में तत्परता दिखाई है।