इटावा। जिले में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का सत्यापन महीनों से तहसीलों पर अटका होने से हजारों किसान परेशान हैं। जिन्होंने समय पर फार्मर रजिस्ट्री करा ली, उनका भी सत्यापन पूरा नहीं हो पा रहा है। विभागीय पोर्टल के अनुसार जिले में 6285 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का सत्यापन लंबित है। रोजाना तहसीलों और लेखपालों के चक्कर काट रहे किसानों को महज आश्वासन मिल रहा है।
जिले में कुल 2,78,013 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री होनी है। 2,15,515 किसानों ने पंजीकरण करा लिया है, लेकिन इन्हीं में 6285 किसानों का सत्यापन महीनों से लंबित है। दूसरी ओर 62,498 किसान ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक रजिस्ट्री ही नहीं कराई है। भरथना तहसील में सर्वाधिक 2765 आवेदन अटके हैं। इसके अलावा ताखा में 1722, चकरनगर में 696, इटावा सदर में 586, सैफई में 482 तथा जसवंतनगर में 34 आवेदन लंबित हैं। यह स्थिति तब है, जब शासन लगातार फार्मर रजिस्ट्री पूरी कराने पर जोर दे रहा है। फार्मर रजिस्ट्री का सत्यापन पूरा न होने से किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पा रहा है। इसका सीधा असर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, बीज वितरण और अन्य कृषि योजनाओं पर पड़ रहा है। कई किसानों ने बताया कि आवेदन किए कई महीने बीत चुके हैं, लेकिन आज तक सत्यापन नहीं हुआ।
तहसीलों में जो फार्मर रजिस्ट्री सत्यापन के लिए लंबित है उस संबंध में संबंधित तहसील के एसडीएम से बात कर उन्हें निस्तारित करवाया जाएगा। जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं करवाई है, वह अवश्य करवा लें। फार्मर रजिस्ट्री सभी किसानों के आवश्यक है। - सतीश कुमार पांडे, उपकृषि निदेशक