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Etawah News: खेतों में पानी भरने से सड़ गया दो हजार बीघा धान, मुआवजे की गुहार

Thu, 15 Oct 2026 11:32 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, इटावा
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फोटो: 25 बिजौली के आमाहार गांव में खेतों में भरा पानी। संवाद
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बकेवर। इस साल बारिश के कारण हुए जलभराव से बकेवर क्षेत्र के गांवों में किसानों की दो हजार बीघा से अधिक धान की फसल पानी में डूबने से सड़कर खराब हो गई है। इनमें कई खेत नेशनल हाईवे के किनारे हैं। इन खेतों में किसानों का धान का बीज व जोताई की लागत का रुपये भी वापस नहीं लौटेगा। कुछ हाईवे के किनारे के गांव में हाईवे से पानी बहकर आने के कारण फसल खराब हुई है। किसानों का कहना है कि जलनिकासी न होने के कारण खेतों में पानी भरा रहा। कई बार प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी समस्या का हल नहीं हुआ और फसल खराब हो गई। किसानों ने प्रशासन से खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।
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महेवा ब्लॉक के हाईवे के किनारे व अन्य कुछ गांव में करीब 10 से 15 गांव ऐसे हैं जिनमें कई किसानों की धान की फसल खेतों में भरे पानी में डूब कर नष्ट हो गई हैं। हाईवे के किनारे के सराय मिट्ठे, शाला, चन्दपुरा, आमहार, बिजौली, कूकेपूरा के अलावा नौधना, बेरीखेड़ा, मानपुरा, सुनवर्षा, बकेवर कस्बा व नगला बनी आदि गांव में करीब दो सौ से किसान ऐसे हैं जिनकी फसल जलभराव से खराब हुई है। ऐसे में किसानों का जोताई रोपाई और खाद-बीज का रुपया भी डूब गया है।
सराय मिट्ठे गांव के रवि की चार बीघा, प्रेमनारायण की साढ़े तीन बीघा में धान की फसल जलभराव से नष्ट हो गई। सराय मिट्ठे के करीब 15 किसानों की, शाला गांव के प्रेमादेवी, प्रमोद कुमार, अरुण कुमार सहित 10 किसानों की जबकि लवारपुरा चन्दपुरा गांव में भी लगभग 10-10 किसानों की फसल नष्ट हो गई है।
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इसके अलावा बिजौली, आमहार, अठलकड़ा, पुठिया गांव के करीब 50 किसानों की काफी जमीन में खड़ी धान की फसल जलभराव में डूबने नष्ट हो गई। किसानों ने जिला प्रशासन से फसल के नुकसान का मुआवजा दिए जाने की मांग की है।

जोताई-बोआई की लागत घर से गई
ग्राम शाला निवासी महिला किसान प्रेमादेवी ने बताया कि उनकी हाईवे के किनारे के 11 बीघा खेत में धान की फसल खड़ी थी जो बारिश से जलभराव के कारण डूबने से पूरी तरह नष्ट हो गई। खेत में धान की पौध की रोपाई, बीज, खाद और जोताई की लागत के 15 हजार रुपये घर से लगे हैं।

निरीक्षण हुआ पर नहीं मिला मुआवजा
बेरीखेड़ा निवासी किसान अमित ने बताया उसके 15 बीघा खेत में जलभराव से फसल पूरी तरह सड़कर बर्बाद हो गई है। शिकायत पर लेखपाल ने निरीक्षण भी किया लेकिन अभी तक कोई मुआवजा नहीं मिला है।
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किसानों की फसल को हुए नुकसान की जानकारी जल्द कराई जाएगी। क्षेत्र में लेखपालों की टीम भेजकर सर्वे कराया जाएगा और आगे के कार्रवाई की जाएगी।
-हर्ष निशांत, तहसीलदार भरथना

फोटो: 25 बिजौली के आमाहार गांव में खेतों में भरा पानी। संवाद

फोटो: 25 बिजौली के आमाहार गांव में खेतों में भरा पानी। संवाद

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