फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आत्महत्या को प्रेरित करने में दो को सजा

Sat, 18 Jul 2015 11:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इटावा
विज्ञापन
विज्ञापन
किशोरी को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट डा विदुषी सिंह ने दो लोगों को क्रमश: सात और पांच साल की सजा सुनाई गई। साथ पांच हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया है। 
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष के अनुसार सिविल लाइन थाना क्षेत्र के गांव जसोहन निवासी अनिल कुमार की पुत्री नीशू (14) ने 27 जून 2010 की रात को अपने घर के कमरे में पंखे पर फांसी लगा ली थी। अनिल कुमार की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने नीशू के पास से एक सुसाइड नोट बरामद किया।

इसमें नीशू ने अपनी मौत का जिम्मेदार मनोज कुमार पुत्र रामदास निवासी जसोहन को ठहराया था। सुसाइड नोट में नीशू ने लिखा था कि मनोज ने उसका शारीरिक शोषण किया और इस साजिश में गांव की रीना ने सहयोग किया था। नीशू के पिता अनिल कुमार ने दोनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन


मामला सुनवाई के लिए अपर सत्र न्यायाधीश डा विदुषी सिंह की अदालत में पहुंचा। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने दोनों लोगों को दोषी ठहराते हुए मनोज को सात साल और रीना को पांच वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता प्रवीन कठेरिया नेे पैरवी की। 
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें