‘मित्र’ बकेवर थाना पुलिस की करतूत की शिकायत पीड़ित युवक ने एसएसपी से की है। बाईपास पर दो युवकों ने उससे मारपीट कर पांच सौ रुपये लूट लिए थे।
किस्मत से आए ट्रेनी दरोगा ने उसकी हिफाजत की लेकिन उसे भी इसके बदले में थाना पुलिस से बातें सुननी पड़ीं। मामले की जानकारी मिलने पर एसएसपी ने सीओ भरथना को बकेवर पुलिस के रवैये की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
बढपुरा थाना क्षेत्र के उदी मोड निवासी शैलेंद्र सिंह यादव पुत्र महाराज सिंह यादव बुधवार की रात करीब नौ बजे बाइक से गांव कंचन का पुरवा थाना अछल्दा अपनी ससुराल पत्नी को लेने जा रहा था। जैसे ही वह बकेवर बाईपास पर पहुंचा तभी सड़क पर खड़े एक युवक ने उसे हाथ देकर रुकने का इशारा किया।
उसे अकेला देखकर शैलेंद्र ने अपनी बाइक रोक दी। तभी अचानक सड़क के नीचे खंदक से एक और युवक निकल आया। दोनों ने शैलेंद्र को पकड़कर उसके साथ मारपीट शुरू दी और फिर उसे सड़क के नीचे खंदक में ले जाने लगे। इस बीच दोनों बदमाशों ने उसके पास से पांच सौ रुपये लूट लिए थे।
शैलेंद्र के मुताबिक, तभी इत्तफाक से एक ट्रेनी दरोगा अपने साथी से वहां से निकल रहे थे। सड़क पर बाइक खड़ी देखकर उन्होंने आवाज दी तो दोनों बदमाश उसे वहीं छोड़कर भाग निकले।
वह कीचड़ से सने होने के साथ घायल भी था। ट्रेनी दरोगा ने उसकी हालत देखकर पूछताछ की। इसके बाद बकेवर थाना पुलिस को फोन कर मामले की जानकारी दी।
इसके बाद जीप लेकर पुलिस वाले मौके पर पहुंचे लेकिन कीचड़ से सना देखकर घायल शैलेंद्र को उन्होंने गाड़ी में उसे बैठाने से इनकार कर दिया। इसके बाद ट्रेनी दरोगा उसे बाइक से किसी तरह इटावा लेकर आए और उसका उपचार कराया।
शैलेंद्र का यह भी आरोप है कि दरोगा के साथ बाइक से थाने पहुंचने पर डयूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों ने उसका इलाज कराना तो दूर उसे कार्यालय में बैठाने से भी मना कर दिया था। साथ ही ट्रेनी दरोगा को भी मदद करने पर उनसे बातें सुननी पड़ीं।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि लुटेेरे उसके पास से पांच सौ रुपये लूट ले गए। उसने शनिवार को बकेवर पुलिस के इस रवैए की एसएसपी मंजिल सैनी से मिलकर शिकायत की।
शैलेंद्र का कहना था कि यदि ट्रेनी दरोगा समय पर नही पहुंचता तो लुटेरे उसके साथ कुछ भी कर सकते थे। एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि उन्होंने बकेवर पुलिस को रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही पुलिस के कथित खराब बर्ताव की जांच सीओ भरथना को सौपी हैं।