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सामूहिक दुष्कर्म में दो को बीस-बीस साल की सजा

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इटावा। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी ने सामूहिक दुष्कर्म के मामले में करीब 22 महीने में मुकदमे की सुनवाई पूरी कर ली। दो आरोपियों को दोषी करार देकर बीस- बीस साल की सजा सुनाई है। एक आरोपी को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया गया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता तरुन कुमार शुक्ला ने बताया कि शहर के एक मोहल्ला की युवती 18 जून 2020 को शास्त्री चौराहा पर आई थी। चौराहे के पास से मोहल्ले के दो युवक उसे बहला फुसलाकर पास के एक होटल में ले गए। होटल के एक कमरे में युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर युवती और उसके परिवार के लोगों को मारने की धमकी दी। युवती ने घर जाकर परिजनों को आप बीती बताई। परिजन उसे थाने ले गए। युवती की तहरीर पर पुलिस ने शोएब, फैजान और होटल के मैनेजर दीपक यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने युवती का डाक्टरी परीक्षण कराने के साथ बयान दर्ज कराए थे। आरोपियों को जेल भेजकर पुलिस ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था।
मुकदमे की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम शीरीन जैदी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों और युवती के बयानों के आधार पर कोर्ट ने शोएब व फैजान को दोषी करार दिया। दोनों को बीस-बीस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। होटल मैनेजर दीपक यादव को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। कोर्ट ने कहा कि यह जघन्य अपराध है इसमें दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
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