इटावा। विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती आलोक कुमार श्रीवास्तव ने 13 साल पुराने वैन लूट के प्रयास का विरोध करने पर जान से मारने की नियम से फायर करने के मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों को दोषी पाते हुए उन्हें सात- सात साल कैद की सजा सुनाई। साथ ही एक आरोपी पर साढ़े 20 हजार व दूसरे आरोपी पर साढ़े 17 हजार का जुर्माना लगाया।
कोर्ट के अनुसार, अंशुल यादव निवासी मुचेहरा ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया कि वह 18 अगस्त 2012 को वह ओम प्रकाश कठेरिया की वैन लेकर करहल गया था। इसी दौरान तभी तीन लोग आए और उन्होंने नगला मुकुंद से गर्भवती महिला को पीजीआई लाने के लिए चार सौ रुपया में सौदा किया।
वह जब कार लेकर गया तो रास्ते में उक्त लोगो ने उसके साथ मारपीट की और बंधक बनाकर कार में डाल लिया। उसके शोर मचाने पर आसपास के लोग दौडे तो कार सवार बदमाशों ने फायरिंग की जिसमें लोग बाल बाल बच गए। बाद में लोगों ने बदमाशों को पकड़ कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पकड़े गए बदमाशों ने अपने नाम रिंकू उर्फ पुष्पेंद्र यादव निवासी अलाई करहल, विनेश यादव निवासी अलाई करहल, मैनपुरी व सतेंद्र उर्फ कल्लू निवासी अकबरपुर चौबिया बताया।
सुनवाई के दौरान रिंकू कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ तो उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एंटी डकैती कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने पेश किए साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने विनेश व सतेंद्र को दोषी पाया और उन्हें सात सात साल की सजा सुनाई।