समथर बंबा चौराहे पर बुधवार सुबह टक्कर के बाद दो ट्रक बंबे में पलट गए। ट्रकों की चपेट में आकर युवक की मौत हो गई। करीब छह घंटे बाद बंबे से युवक का शव निकाला जा सका। गुस्साए ग्रामीणों ने भरथना मार्ग पर जाम लगा दिया। एसडीएम के समझाने के बाद ग्रामीण माने और जाम खोला। जाम में काफी देर तक यात्री परेशान होते रहे।
ऊसराहार-भरथना मार्ग स्थित समथर बंबा चौराहे पर बुधवार सुबह 5:30 बजे मौरंग लदे ट्रक और चीनी की बोरियां लदे ट्रक की आमने-सामने भिड़ंत हो गई। टक्कर के बाद दोनों ट्रक पलट गए। दोनों ट्रक बंबे में जा घुसे। वहीं ताखा क्षेत्र के नगला पृथ्वी निवासी रमेश उर्फ पप्पू (40) पुत्र शादी ट्रक के नीचे दब गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रमेश दिल्ली से आने वाली बस से उतरा था। जबकि रमेश को लेने आया उसका भाई बाल-बाल बच गया। हादसे के बाद ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
सूचना पर प्रभारी थानाध्यक्ष देव प्रकाश रावत पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे तो ग्रामीण शव को बंबे से निकालने की मांग करने लगे। समय पर जेसीबी न पहुंच पाने के कारण नाराज ग्रामीणों ने ऊसराहार-भरथना मार्ग जाम कर दिया। मौके पर पहुंची दो जेसीबी मौरंग से भरे ट्रक को हिला नहीं पाईं।
इधर, हंगामे की सूचना पर उप जिलाधिकारी ताखा घनश्याम वर्मा, क्षेत्राधिकारी भरथना विकास जायसवाल भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद एक और बड़ी जेसीबी मंगाई गई। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद ट्रकों को बंबा से निकाल लिया गया, लेकिन रमेश नहीं मिला। इसके बाद बंबे में रमेश की तलाश की गई।
हादसे के लगभग छह घंटे बाद बंबे पड़ी मौरंग के नीचे रमेश का शव दबा मिला। मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शव मार्ग पर रखकर प्रदर्शन किया। एसडीएम घनश्याम वर्मा के काफी समझाने के बाद जाम खुल सका। उसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। इधर, जाम में फंसे होने के कारण लोग बेहाल रहे। करीब दो घंटे बाद यातायात सामान्य हो सका।
इनसेट
बेटियों की शादी के लिए दिल्ली की एक बेकरी में काम करता था रमेश
बाबूलाल ने बताया कि रमेश के दो बेटियां एवं दो बेटे हैं। बेटी खुशबू (18), शिवानी (20) की शादी की चिंता में रमेश परेशान रहता था। यही वजह था कि वह दिल्ली की एक बेकरी फैक्ट्री में काम करने लगा था।